जिला अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई एक महिला को शौचालय में बच्चे को जन्म देना पड़ा। उसकी चीख-पुकार डॉक्टरों व स्टाफ तक नहीं पहुंची। जबकि उसका पति एवं लाचार मां सहायता के लिए चिल्लाते रहे। अब अधिकारी जांच कराने की बात कर रहे हैं।
करनाल रोड अंबेडकर कालोनी निवासी ईशम सिंह ने बताया कि पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर वह सोमवार सुबह करीब तीन बजे उसे जिला अस्पताल में लाया था। जहां स्टाफ रूम में कोई नहीं मिला तो उसकी पत्नी लेबर रूम में गई। वहां पर एक सफाई कर्मचारी मिली। उसने कहा कि अभी प्रसव होने में समय है। इसलिए वह बाहर घूम ले। जब उसकी पत्नी बाहर घूम रही थी तो भी उसे भयंकर दर्द था। वे बार-बार चिल्लाते रहे कि स्टाफ को या डॉक्टर को बुला दो। लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद उसकी पत्नी को शौचालय जाने की इच्छा हुई तो वे उसे लेकर वहां गए। जहां किसी तरह उसकी मां ने उसे संभाला। इसी बीच उसकी पत्नी वहां जोर-जोर से चिल्लाती रही। चीख-पुकार सुनकर वह खुद महिला शौचालय में गया तो उसकी मां ने बताया कि सीमा की डिलीवरी होने वाली है, वह नर्स या महिला को बुला ले। काफी प्रयास के बावजूद वहां कोई स्टाफ सदस्य नहीं मिला। इसी बीच पत्नी ने बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद नर्स आई। इतने भर से स्वास्थ्य कर्मियों को राहत नहीं मिली। उल्टा उन्हें ही डांटने लगे।
वहीं सीएमओ डा. मनीष बंसल ने कहा कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है। यदि कोई लापरवाही है तो मामले की जांच करवाई जाएगी।