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अस्पताल में फिर बढ़ने लगी मरीजों की संख्या, स्टाफ की कमी

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hospital - फोटो : Kaithal
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जिला नागरिक अस्पताल में जांच व इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में पहले की तरह बढ़ोतरी होने लगी है, लेकिन अस्पताल में अब भी स्टाफ की कमी बनी हुई है। अस्पताल में न तो डॉक्टर की संख्या पूरी हैं और न ही अन्य स्टाफ कर्मी। सीनियर मेडिकल ऑफिसर से लेकर स्टाफ नर्स तक के पद अस्पताल में खाली है। जिसके कारण वहां आने वाले मरीजों को उपचार के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। स्टाफ को लेकर यही स्थिति कोरोना काल से पहले अस्पताल में थी और यही इस समय बनी हुई है।
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कोरोना काल से पहले अस्पताल में रोजाना 2000 से ज्यादा ओपीडी होती थी, जो कोरोना काल में कम हो गई। अब फिर अस्पताल में रोजाना करीब 1500 ओपीडी होने लगी हैं। ऐसे में अस्पताल में जांच और इलाज के लिए आने वाले मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार तो घंटों इंतजार करने के बाद भी मरीजों की जांच नहीं हो पाती है। डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट तक के पद अस्पताल में खाली पड़े हैं।
हालांकि 200 बेड के अस्पताल के अनुसार कैथल में डॉक्टरों के स्वीकृत पर 55 हैं, लेकिन उनमें से केवल 19 पदों पर ही डॉक्टर तैनात हैं। कहने को तो अस्पताल में 26 पदों पर डॉक्टर तैनात हैं, लेकिन सात डॉक्टर पिछले काफी समय से गैर हाजिर चल रहे हैं।
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90 में से 44 पदों पर तैनात हैं स्टाफ नर्स- जिला नागरिक अस्पताल में स्टाफ नर्सों के 90 स्वीकृत पद हैं, लेकिन उनमें से 44 पदों पर ही नर्स तैनात हैं। 10 में से तीन पदों पर नर्सिंग सिस्टर नहीं हैं। सीनियर डेंटल सर्जन का अस्पताल में एक ही पद स्वीकृत है, लेकिन वह भी खाली पड़ा है। वहीं डेंटल सर्जन के भी तीन में से दो पद खाली पड़े हैं। वहीं फिजियोथेरेपिस्ट, ऑडियोमेट्रिस्ट, सीनियर लैब टेक्रिशियन, डेंटल हाइजीनिस्ट, ईसीजी टेक्रिशियन, रेडियोग्राफर और ऑपरेशन थयेटर असिस्टेंट के भी पद खाली हैं।
19 में से भी डॉक्टरों की कोरोना बचाव कार्यों में लगी ड्यूटी-अस्पताल में जो मेडिकल ऑफिसर हैं उनमें से भी कइयों की ड्यूटी कोरोना कार्यों में लगी हुई है। ऐसे में इन डॉक्टरों को अपने दैनिक कार्य के अलावा भी अतिरिक्त कार्य करना पड़ता है। कई बार डॉक्टरों को प्रशासनिक कार्यों से भी बाहर जाना पड़ जाता है। ऐसे में मरीज ओपीडी के लिए डॉक्टरों के इंतजार में बैठे रहते हैं।
पीएमओ डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि कोरोना की शुरुआत में कम हुई रोजाना की ओपीडी में अब फिर से बढ़ोतरी होने लगी है। अस्पताल में डॉक्टर पहले की तरह ही हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के बारे में समय-समय पर विभाग को अवगत करवाया जा रहा है। जिलावासियों को हर प्रकार की स्वास्थ्य सेवा देने का प्रबंधन द्वारा पूरा प्रयास किया जा रहा है।
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