संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। होली पथ विशेष शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान में 120 मूक-बधिर बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। यह स्कूल रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग और अनहद एजुकेशन एंड हेल्थ वेलफेयर सोसाइटी द्वारा संचालित किया जा रहा है। यहाँ बच्चों को न केवल शैक्षणिक तालीम दी जाती है, बल्कि उन्हें जीने का सलीका और आत्मनिर्भर बनने की शिक्षा भी दी जाती है। विशेष रूप से उन बच्चों के लिए, जिनके माता-पिता नहीं हैं, हॉस्टल की सुविधा भी उपलब्ध है।
डीसी अपराजिता ने किया स्कूल का निरीक्षण ः वीरवार को जिला कलक्टर अपराजिता ने स्कूल का दौरा किया और उपलब्ध सुविधाओं, बच्चों की संख्या और हाल ही में किए गए विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने स्कूल परिसर के प्रत्येक कमरे का निरीक्षण किया और बच्चों को दी जा रही शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
स्कूल प्रशासन ने डीसी को बताया कि पहले सभी बच्चे एक ही हॉल में पढ़ते थे, लेकिन अब अलग-अलग कमरे बनाए गए हैं, जिससे बच्चों को अधिक सुविधा मिली है। डीसी अपराजिता ने बच्चों की नोटबुकें भी देखीं और अध्यापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
शिक्षा और सुविधाओं में सुधार पर संतोष
निरीक्षण के बाद डीसी ने रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव रामजी लाल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि इन बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर होली पथ स्कूल के निदेशक प्रमोद कुमार, प्रधानाचार्य कुसुम रानी, रामपाल शर्मा और अन्य स्टाफ भी मौजूद रहे।
संस्था के सदस्यों ने डीसी को बताया कि अब बच्चों के लिए अलग-अलग कक्ष, हॉस्टल सुविधाएं, और विशेष शिक्षण सामग्री उपलब्ध हैं, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।