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होली : बाजार में मेड इन इंडिया उत्पादों की मांग

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109-कैथल। होली पर बाजार में अपने परिजनों के साथ पिचकारी खरीदते बालक। संवाद
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कैथल। होली का पावन पर्व नजदीक आते ही लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। ऐसे में बाजार में होली की धूम है और मेड इन इंडिया उत्पादों की मांग बढ़ी है। बाजार में रंग-बिरंगे गुलाल, पिचकारियां और अन्य होली से जुड़ी वस्तुओं की दुकानों पर रौनक बढ़ गई है। होली के पर्व पर लोग अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल अभियान का असर बाजारों में साफ नजर आ रहा है। होली का सामान बेचने वाले स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस बार मेड इन इंडिया उत्पादों की मांग बढ़ गई है और चाइना के सामान की बिक्री लगभग न के बराबर हो रही है।
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थोक व्यापारी सागर गुप्ता ने बताया कि इस बार होली लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। ओर उन्होंने कोई भी चीनी उत्पाद नहीं मंगवाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां अब बेहतरीन और आधुनिक होली का सामान तैयार कर रही हैं, जिससे लोग अब विदेशी उत्पादों के बजाय स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ग्राहकों की बढ़ती मांग को देखते हुए इस बार बाजार में कई तरह की नई और आकर्षक चीजें उपलब्ध हैं। खासकर हर्बल गुलाल की मांग काफी अधिक है। इसके अलावा होली पर इलेक्ट्रॉनिक सामान बहुत आ रहा है। जैसे बच्चों की छोटी बड़ी गन जिसे चलाने से पानी का प्रैशर बहुत दूर तक जाता है। ओर इसे दो वर्ष का बच्चा भी चला सकता है और फॉग आइटमों की भी ज्यादा मांग है। ओर इसके साथ-साथ गुलाल के सिलिंडर भी बाजार में आए हुए हैं। वहीं ग्राहक भी जागरूक हो गया है ओर वे ज्यादातर हर्बल गुलालों की डिमांड कर रहे है। इसके अलावा, इस बार बाजार में नई तरह की पिचकारियां आई हैं, ओर कीमत पांच से लेकर 250 रुपये तक है।
व्यापारी सन्नी मित्तल ने कहा कि भारतीय कंपनियों द्वारा बनाए गए हर्बल गुलाल पूरी तरह से सुरक्षित हैं और त्वचा को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते। जैसे, श्री गणेशा, मुर्गा व अन्य सभी अच्छे रंग गुलाल है जिन्हे लोग खुब पसंद भी कर रहे हें। वहीं लोग भी अब हर्बल गुलाल और मेड इन इंडिया उत्पाद ही खरीदना पसंद कर रहे हैं। इस बार होली के लिए आधुनिक और आकर्षक पिचकारियां, रंग-बिरंगे मुखौटे, गुब्बारे और पानी के रंग भी बाजार में उपलब्ध हैं, जिनकी खूब मांग बनी हुई है। ओर फोगिंग सिलिंडरों की खूब मांग है, जिनकी कीमत 500 से लेकर 1500 रुपये के करीब है। ओर इस बार कई आइटम ऑन लाइन भी बिक रही हैं।
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वहीं, खरीदारी के लिए बाजार पहुंचे ग्राहकों का भी कहना है कि वे अब केवल हर्बल गुलाल और मेड इन इंडिया उत्पाद ही खरीदना पसंद कर रहे हैं। उनका मानना है कि स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने से जहां सेहत सुरक्षित रहेगी, वहीं देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। कुल मिलाकर, बाजारों में होली की तैयारियां जोरों पर हैं और लोग वोकल फॉर लोकल अभियान को अपनाते हुए पूरी उत्सुकता से इस रंग-बिरंगे पर्व का इंतजार कर रहे हैं।

109-कैथल। होली पर बाजार में अपने परिजनों के साथ पिचकारी खरीदते बालक। संवाद

109-कैथल। होली पर बाजार में अपने परिजनों के साथ पिचकारी खरीदते बालक। संवाद

109-कैथल। होली पर बाजार में अपने परिजनों के साथ पिचकारी खरीदते बालक। संवाद

109-कैथल। होली पर बाजार में अपने परिजनों के साथ पिचकारी खरीदते बालक। संवाद

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