निशीकांत शर्मा
कलायत। कलायत विधानसभा का इतिहास है कि यहां से जो चेहरा एक बार चुनाव जीत गया उसके नसीब में दुबारा जीत हासिल नहीं हुई। इतिहास ने 2024 के चुनाव में भी अपने आप को दोहराया।
इनेलो के रामपाल माजरा तीसरी बार चुनावी मैदान में थे। माजरा 2009 में विधायक बने थे उसके बाद 2014 तथा अब 2024 में दोनों बार ही उनको हार का सामना करना पड़ा।
जेजेपी के उम्मीदवार डॉ.प्रीतम चुनावी मैदान में दूसरी बार उतरे थे। 2005 तथा अब 2024 में वे दोनों ही बार हार गए। दूसरी बार चुनावी समर में उतरी भाजपा प्रत्याशी कमलेश ढांडा भी हार गईं। हालांकि जीतने के बावजूद विकास सहारण को विपक्ष में ही बैठना होगा।
वर्ष 2009 व 2014 में विपक्ष में बैठे कलायत सीट के विधायक को फिर से विपक्ष में ही बैठना होगा। माना जा रहा था कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी और उसमें विकास सहारण मंत्री का दर्जा हासिल करेंगे। इस बात का आश्वासन भूपेंद्र सिंह हुड्डा जाखौली गांव में हुए चुनावी कार्यक्रम में देकर गए थे लेकिन ऐसा न हो सकेगा। संवाद