संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी (कैथल)। मोहाना गांव की अलिसा ने जार्जिया में इतिहास रचते हुए विश्व कराटे चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर जिले और देश का नाम रोशन किया है। गांव वालों का कहना है कि राष्ट्रीय से विश्व स्तर तक उनका शानदार प्रदर्शन रहा है।
उनकी इस सफलता से न केवल क्षेत्र में खुशी की लहर है, बल्कि यह छोटे गांवों की बेटियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है। अलिसा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनका यह सफर यह संदेश देता है कि संसाधनों की कमी कभी भी प्रतिभा के रास्ते की बाधा नहीं बन सकती। गांव की बेटियां भी कड़ी मेहनत और संकल्प के बल पर वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर भी अलिसा का प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने लगातार छह बार नेशनल कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इसके अलावा, उन्होंने दो बार कॉमनवेल्थ कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया।
यूनिवर्सिटी स्तर पर भी अलिसा की सफलता का सिलसिला जारी रहा। वह लगातार चार बार ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। वहीं, दक्षिण एशियाई कराटे चैंपियनशिप में भी उन्होंने गोल्ड और कांस्य पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
अनुशासन बना सफलता की कुंजी
अलिसा की इस सफलता के पीछे मोहिंदर सिंह (रेलवे) का मार्गदर्शन और आशीर्वाद महत्वपूर्ण रहा है। उनके सहयोग और प्रेरणा ने अलिसा के आत्मविश्वास और संकल्प को मजबूत किया। खेल के साथ-साथ शिक्षा में भी अलिसा एक अनुशासित और समर्पित खिलाड़ी हैं, जो संतुलन के साथ आगे बढ़ रही हैं।
पूंडरी से हुई स्कूली शिक्षा, एलपीयू से कर रहीं बीकॉम
गांव मोहाना पूंडरी क्षेत्र में स्थित है। अलिसा ने अपनी प्रारंभिक और स्कूली शिक्षा पूंडरी से ही पूरी की है। वर्तमान में वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, जालंधर से बीकॉम की पढ़ाई कर रही हैं। अलिसा की यह सफलता उन सभी बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं और कठिन परिश्रम से पीछे नहीं हटते। आज अलिसा अपने गांव की बेटियों के सपनों की पहचान बन चुकी हैं और खेलों में पहचान बनाने की चाह रखने वाली लड़कियों के लिए रोल मॉडल के रूप में उभर कर सामने आई हैं।