कैथल। जिले में पिछले कई दिनों से एक्यूआई बढ़ता जा रहा है। रविवार को यह अधिकतम 470 दर्ज किया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। शायद यही कारण है कि अस्पतालों में भी सांस, खांसी, एलर्जी व जुकाम के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। दूसरी ओर फसल अवशेष जलाने के मामले भी कम नहीं हो रहे। रविवार को भी चार नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही जिले में फसल अवशेष जलाने के मामले बढ़कर 348 हो गए हैं। इसमें किसानों से पांच लाख 25 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया है, जबकि फसल अवशेष जलाने में किसानों पर 55 एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है।
विदित हो कि कृषि विभाग के अधिकारी बार-बार किसानों को जागरूक कर रहे हैं। इसके बावजूद फसल अवशेष जलाने में कोई कमी नहीं हो रही। प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए अधिकारी एड़ी से चोटी का जोर लगाए हुए हैं। सख्ती के साथ ही किसानों पर एफआईआर भी दर्ज की जा रही है और किसानों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। इसके बाद भी एक्यूआई लगातार बढ़ता ही जा रहा है। सहायक कृषि अभियंता ने बताया कि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रयास जारी है। दमकल विभाग की गाड़ी से पेड़ पौधों की सफाई और उन पर छिड़काव किया जा रहा है। किसानों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है, ताकि वह भविष्य में फसल अवशेषों में आग न लगाएं और पर्यावरण को साफ सुथरा रखने में सहयोग करें।
आतिशबाजी से बढ़ रहा प्रदूषण
जिले के युवाओं में विदेश जाने का क्रेज बढ़ रहा है। वहीं जो भी युवा विदेश में जाते हैं, उनकी परिजन खुशी में जमकर आतिशबाजी करते हैं। इससे भी वायु प्रदूषण बढ़ता है। विदेश जाने की खुशी में परिजन चार से पांच घंटे तक लगातार आतिशबाजी करते रहते हैं। इससे ध्वनि के साथ में वायु प्रदूषण भी बढ़ता है।