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आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उच्च गुणवत्ता वाली सब्जियों का कर सकते हैं उत्पादन : साहिल शर्मा

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16 ढांड 02 कार्यक्रम में भाग लेते हुए महिलाएं तथा किसान।
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ढांड। जिले में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी की ओर प्रोत्साहित करने के लिए बागवानी विभाग की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में ढांड ब्लॉक में युवा विकास केंद्र चंदलाना में बागवानी विभाग की ओर से जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में किसानों को बागवानी फसलों, आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
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बागवानी विभाग के फील्डमैन करनदीप सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से नया बाग लगाने वाले किसानों को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पहले वर्ष किसानों को 25,800 रुपये प्रति एकड़ और दूसरे वर्ष 16,200 रुपये प्रति एकड़ की सहायता राशि दी जाती है। इस प्रकार किसानों को दो वर्षों में कुल 42 हजार रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान का लाभ मिल सकता है। उन्होंने किसानों को बताया कि उद्यान विभाग फल, फूल, सब्जियां, मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रहा है। इन योजनाओं के अंतर्गत किसानों को 50 से 85 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। परियोजना के अनुसार पात्र किसानों को लगभग 2 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है।
ब्लॉक हॉर्टिकल्चर कंसल्टेंट (बीएचसी) साहिल शर्मा ने किसानों को संरक्षित खेती तकनीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नेट हाउस, पॉलीहाउस और अन्य आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान बेमौसमी और उच्च गुणवत्ता वाली सब्जियों का उत्पादन कर सकते हैं। इससे किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त होता है और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि सरकार इन संरचनाओं की स्थापना के लिए भी 50 से 85 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान कर रही है जिससे किसानों की लागत कम होती है। युवा विकास केंद्र के संयोजक राजकुमार गौड, राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता फूल कुमार ने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में बागवानी गतिविधियों से जुड़ें और सरकार की लाभकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।

16 ढांड 02 कार्यक्रम में भाग लेते हुए महिलाएं तथा किसान।

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