फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: हेपेटाइटिस बी, सी की जांच फिर से जिले में

Sat, 02 Dec 2023 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
कमल बहल
विज्ञापन

कैथल। हेपेटाइटिस बी और सी (काला पीलिया) के मरीजों के लिए राहत भरा समाचार है। जिले के स्वास्थ्य विभाग को जांच किट मिलते ही नए सप्ताह में कलायत स्थित लैब में सैंपलों की जांच शुरू कर दी जाएगी। करीब डेढ़ साल से इस लैब में जांच सुविधा बंद होने से मरीजों को दिल्ली और पंचकूला जाकर सैंपल कराना पड़ रहा था।

गौरतलब है प्रदेश में फतेहाबाद इस बीमारी के मरीजों के संदर्भ में अव्वल नंबर पर है वहीं कैथल जिले का दूसरा स्थान है। जिले में काला पीलिया के सबसे अधिक मामले में राजौंद व गुहला क्षेत्र में है। ऐसे में जिले में हर सप्ताह 30 से 40 सैंपल होते हैं। इसके अनुसार प्रति महीने में करीब 150 सैंपल लिए जाते हैं। अब स्थानीय स्तर पर ही सैंपल लेने की प्रकिया शुरू होने के बाद मरीजों को इसकी रिपोर्ट जल्द मिल सकेगी।
विज्ञापन


सैंपल लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल में सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, वीरवार और शुक्रवार तय किए हैं।हालांकि पहले दिल्ली और पंचकूला में सैंपलों को भेजा जाता था। फिलहाल करनाल स्थित कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में सैंपल लिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब नए सप्ताह से कलायत स्थित लैब में ही सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

जिले में हैं 300 से अधिक एक्टिव मरीज, कई हो चुके हैं ठीक

इस समय पूरे जिले में काला पीलिया के पंजीकृत मरीजों की संख्या करीब 10 हजार है। दिल्ली और पंचकूला में सैंपल भेजने के चलते देरी से रिपोर्ट आने पर मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। इस समय जिले में करीब 300 सक्रिय मरीज हैं, जिनका इलाज चल रहा है। उल्लेखनीय है कि करीब डेढ़ साल पहले ही हेपेटाइटिस बी और सी (काला पीलिया) के मरीजों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक निजी लैब के साथ अनुबंध किया था। अनुबंध खत्म होने से मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बीमारी के संदर्भ में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है, लेकिन मशक्कत के बावजूद इसके केस लगातार बढ़ रहे हैं। बीमारी की जांच के लिए जिला नागरिक अस्पताल में डॉ. राजीव मित्तल को नोडल अधिकारी बनाया है।

काला पीलिया के मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जांच से लेकर दवाइया तक निशुल्क दी जाती हैं। ओपीडी में रोजाना सात से आठ नए मरीज सामने आ रहे हैं। लक्षण नजर आने के बाद कूपन देकर सैंपल लिया जाता है। रिपोर्ट में काला पीलिया की पुष्टि होने के बाद इलाज शुरू किया जाता है।


सैंपल किट न मिलने के कारण पहले दिल्ली और पंचकूला से ही काला पीलिया के मरीजों की जांच करवाई जाती थी। अब करनाल से यह जांच हो रही है। सरकार ने कैथल में भी सैंपल किट दी है। इसके बाद अब अगले सप्ताह में ही कलायत स्थित लैब से काला पीलिया की जांच शुरू करवा दी जाएगी। -डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल
विज्ञापन

ये हैं काला पीलिया के लक्षण



n
लगातार बुखार होना।

n
लगातार त्वचा, आंखों में पीलापन रहना।

n
थकान रहना और भूख नहीं लगना।

n
ज्यादा उल्टी आना।

n
वजन कम होना और पेट में दर्द रहना।
ये बरतें सावधानी

यदि किसी परिवार का सदस्य हेपेटाइटिस संक्रमित है तो उन्हें सावधान रहने की आवश्यकता है। संक्रमित व्यक्ति के सामान का इस्तेमाल करने से परहेज करें। साथ ही उसका झूठा खाना भी नहीं खाना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें