संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के हेपेटाइटिस-बी व सी मरीजों को बड़ी राहत मिली है। स्वास्थ्य विभाग ने करीब छह माह पहले जिला नागरिक अस्पताल की लैब में ही सैंपलों की जांच शुरू कर दी है। पहले सैंपल कलायत में लिए जाते थे, लेकिन किट खत्म होने पर इन्हें करनाल व पंचकूला भेजना पड़ता था, जिससे रिपोर्ट आने में लंबा समय लगता था। अब कैथल में ही जांच होने लगी है और सप्ताह से 10 दिन के अंदर रिपोर्ट मिल रही है।
प्रदेश में फतेहाबाद के बाद कैथल हेपेटाइटिस मरीजों के मामले में दूसरे नंबर पर है। जिले में सबसे अधिक मरीज राजौंद और गुहला क्षेत्र में मिल रहे हैं। यहां हर सप्ताह 30 से 40 और प्रति माह करीब 150 सैंपल लिए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में मंगलवार, वीरवार और शुक्रवार को सैंपल लेने की व्यवस्था की गई है।
जिले में हैं 400 सक्रिय मरीज ः कैथल में काला पीलिया के 15 हजार से अधिक मरीज पंजीकृत हैं। इनमें से इस समय करीब 400 मरीजों का इलाज चल रहा है। रोजाना ओपीडी में 7 से 8 नए मरीज सामने आ रहे हैं। लक्षण दिखने पर कूपन जारी कर सैंपल लिया जाता है और रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर तुरंत इलाज शुरू कर दिया जाता है।
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के हेपेटाइटिस-बी व सी मरीजों को बड़ी राहत मिली है। स्वास्थ्य विभाग ने करीब छह माह पहले जिला नागरिक अस्पताल की लैब में ही सैंपलों की जांच शुरू कर दी है। पहले सैंपल कलायत में लिए जाते थे, लेकिन किट खत्म होने पर इन्हें करनाल व पंचकूला भेजना पड़ता था, जिससे रिपोर्ट आने में लंबा समय लगता था। अब कैथल में ही जांच होने लगी है और सप्ताह से 10 दिन के अंदर रिपोर्ट मिल रही है।
प्रदेश में फतेहाबाद के बाद कैथल हेपेटाइटिस मरीजों के मामले में दूसरे नंबर पर है। जिले में सबसे अधिक मरीज राजौंद और गुहला क्षेत्र में मिल रहे हैं। यहां हर सप्ताह 30 से 40 और प्रति माह करीब 150 सैंपल लिए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में मंगलवार, वीरवार और शुक्रवार को सैंपल लेने की व्यवस्था की गई है।
जिले में हैं 400 सक्रिय मरीज ः कैथल में काला पीलिया के 15 हजार से अधिक मरीज पंजीकृत हैं। इनमें से इस समय करीब 400 मरीजों का इलाज चल रहा है। रोजाना ओपीडी में 7 से 8 नए मरीज सामने आ रहे हैं। लक्षण दिखने पर कूपन जारी कर सैंपल लिया जाता है और रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर तुरंत इलाज शुरू कर दिया जाता है।
काला पीलिया के लक्षण
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लगातार बुखार होना
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त्वचा व आंखों में पीला पल होना
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थकान रहना व भूख कम लगना
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वजन कम होना व पेट में दर्द रहना
सावधानी
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संक्रमित व्यक्ति के सामान का इस्तेमाल न करें।
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उसका झूठा खाना न खाएं।