कैथल। जीटी बेल्ट के अधिकतर जिलों में हेपेटाइटिस बी व सी के सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे जा रहे हैं। कारण कि जिले के अस्पतालों में सैंपल जांच की किट उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारियों की ओर से इस संबंध में मुख्यालय को जानकारी भेजी गई, लेकिन महीनों बाद भी मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
करीब एक साल पहले कैथल के कलायत में शुरू की गई मॉड्यूलर लैब में हेपेटाइटिस बी और सी के सैंपलों की जांच होती थी, लेकिन यहां पर सैंपल किट खत्म होने के बाद दोबारा नहीं आई। इसके बाद यहां पर जांच का कार्य बंद हो गया। वहीं पानीपत सहित अन्य कई जिलों में भी सैंपल किट खत्म होने से मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सैंपल किट खत्म होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय के आदेशों पर सैंपलों को जांच के लिए दिल्ली भेजना शुरू किया है। इस कारण अब सैंपलों की रिपोर्ट आने में 15 से 20 दिन लग रहे हैं। इस समय कैथल से 100 से अधिक सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकी है। यही स्थिति कमोबेश पानीपत सहित अन्य जिलों में भी है। रिपोर्ट में देरी के कारण लोग बार-बार अस्पताल के चक्कर काटते हैं।
14 दिनों से नहीं मिली रिपोर्ट
जिला नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटिस सी की रिपोर्ट लेने पहुंचे बुजुर्ग दूड़ा राम ने बताया कि उसने 22 जून को सैंपल दिया था, लेकिन 14 दिन बीतने के बावजूद रिपोर्ट नहीं मिली है। न ही यह जानकारी दी जा रही है कि रिपोर्ट कितने दिन में आ जाएगी।
तीन बार अस्पताल के काट चुकी चक्कर
जाखौली निवासी रामरती देवी ने बताया कि उसने भी 24 जून को अपना सैंपल दिया था, इसकी भी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। रिपोर्ट लेने के लिए वे दो से तीन बार अस्पताल में चक्कर लगा चुकी है, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिल पाई है।
जिले में अब तक आ चुके करीब आठ हजार मरीज-
कैथल जिले में इस समय हेपेटाइटिस बी और सी के करीब आठ हजार मरीज हैं। इसमें से करीब 7800 मरीज ठीक हो चुके हैं और अन्य का उपचार जिला नागरिक अस्पताल से चल रहा हैं। अस्पताल में प्रतिदिन चार से पांच सैंपल हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों के लिए जा रहे हैं।
हेपेटाइटिस बी सी के यह हैं लक्षण-
- गहरा पीला मूत्र
- कमजोरी
- जोड़ों का दर्द
- बुखार
- भूख में कमी
- उल्टी
- पेट में दर्द
- आंखों और त्वचा का पीला पड़ना
हेपेटाइटिस सी के मरीज यह न करें
- शराब का सेवन न करें
- धुएं से बचें
- किसी संक्रमित व्यक्ति से टूथ-ब्रश, रेजर आदि को साझा न करें
- जंक फूड न खाएं
कैथल से पहले पंचकूला और करनाल भेजते थे सैंपल, अब दिल्ली
जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडल ने बताया कि कलायत की माड्यूलर लैब में हेपेटाइटिस बी व सी जांच एक साल पहले ही बंद हो चुकी है। इसके बाद मरीजों के सैंपलों को करनाल व पंचकूला में भेजना शुरू कर दिया गया था, लेकिन अब मुख्यालय ने अलग से व्यवस्था करते हुए दिल्ली में सैंपल भेजने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली से ही सैंपलों की ऑनलाइन रिपोर्ट आती है। यह व्यवस्था मुख्यालय के आदेशों पर लागू हुई है।