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Kaithal News: झमाझम बारिश ने गर्मी से दिलाई राहत, सड़कों पर जलभराव, वाहन चालक हुए परेशान

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पुल के पास ट्रैक्टर मार्केट में जमा बारिश का पानी। संवाद
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कैथल। जिलेभर में मंगलवार को झमाझम बारिश हुई। करीब आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने से मौसम सुहावना हो गया। मंगलवार सुबह ही आसमान में बादल छा गए और दोपहर करीब 12 बजे बारिश शुरू हुई, जो रुक-रुक कर शाम तक बूंदाबांदी के रूप में जारी रही। तापमान में गिरावट दर्ज की गई और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक जिले में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में औसतन 10 एमएम बारिश दर्ज की गई।
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वहीं पुल के पास बाजार में सड़क पर पानी जमा हो गया। पानी निकासी न होने के कारण वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ी। इसके अलावा अंबाला रोड, छात्रावास रोड से पुल की ओर जाने वाले मार्ग, बस अड्डे के सामने, ढांड रोड और जींद रोड पर पिहोवा चौक से आगे कई स्थानों पर सड़क किनारे पानी भर गया। शहर में जगह-जगह सड़कों पर दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन और गड्ढों में भरे पानी के कारण विशेष परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के बाद कच्चे रास्तों पर कीचड़ फैल गया जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हुई। कई गांवों में गलियों में पानी जमा होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।
किसानों के लिए रही फायदेमंद
मौसम विशेषज्ञ डाॅ. रमेश चंद्र वर्मा का कहना है कि बारिश का सबसे अधिक फायदा किसानों को मिला है। धान की रोपाई के लिए खेतों में पर्याप्त नमी बनने से रोपाई कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि लगातार पड़ रही गर्मी के कारण खेतों में काम करना मुश्किल हो रहा था लेकिन अब मौसम अनुकूल होने से धान की रोपाई तेज गति से शुरू होगी। इससे फसल की पैदावार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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बिजली की खपत घटी
बारिश का असर बिजली की खपत पर भी दिखाई दिया। पिछले दिनों भीषण गर्मी के कारण जिले में बिजली की खपत बढ़कर एक करोड़ 70 लाख यूनिट से अधिक पहुंच गई थी लेकिन मौसम में ठंडक आने के बाद बिजली की खपत घट गई। मंगलवार को करीब एक करोड़ 30 लाख यूनिट के आसपास दर्ज की गई। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक रमेश चंद्र ने बताया कि अगले पांच दिनों तक बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में तापमान में और गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलने के साथ किसानों को भी खेती के कार्यों में लाभ मिलेगा।
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