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Kaithal News: बारीक धान के दामों में भारी गिरावट किसान मायूस

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कलायत। धान के भावों में आई गिरावट के कारण से किसान मायूस में भारी मायूसी है। धान के दामों में 30 प्रतिशत प्रति क्विंटल तक की गिरावट आई है। किसानों का कहना है कि घटे दामों पर किसान अपनी धान की फसल बेचने को तैयार नहीं हैं। किसान राजेंद्र, रामफल, ईश्वर सिंह, मेवा सिंह आदी का कहना है कि बारीक किस्म के धान की खरीद प्राइवेट खरीददारों की ओर से की जाती है। उनकी दादागिरी है जब चाहे दाम कम कर दें जब चाहे उठा दें। किसानों का कहना है कि इस समय मंडी में बासमती, 1121 व 1718 व 1885 किस्मों का बारीक धान आ रहा है। जो धान कंबाइन से कटा वह तो ठीक दामों पर बिक गया। फिर अचानक से बारीक किस्म के धान के दामों में गिरावट आना शुरू हो गई। किसानों ने गिरते दामों के चलते अपनी फसल को रोक लिया।
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इस इंतजार में रहे की दाम बढ़ेंगे तब अपनी फसल बेचने के लिए मंडी में लाऐंगे। बढ़ने की बजाए दामों में लगातार गिरावट आती जा रही है। किसानों का कहना है कि लगभग 50 प्रतिशत पैदावार की बिक्री में गिरे दामों के कारण किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारी सतीश कुमार, अजय प्रताप सिंह, प्रवीण कुमार ने बताया की इस समय मंडी की स्थिति दयनीय बनी है। चावल के दामों में आई भारी कमी के कारण से व्यापारियों की पेमेंट भी फिलहाल फंसी है और मंडी में पैसा देखने को भी नहीं है। चावल के दामों में आई गिरावट के कारण से ही धान के दाम कम हो गए और मंडी में पैसे की कमी बन गई।
खाडी देशों में असामान्य हालात और राइस मिलों के पूरे स्टाक के कारण गिरे दाम
मिलर त्रिलोक चंद सिंगला ने बताया की बारीक धान के दामों में गिरावट के पीछे राजस्थान और एमपी में बारीक धान की बंपर पैदावार होना है। इसके साथ ही निर्यात भी बाधित है और मिलरों के पास महंगे दाम में खरीदे गए पिछले स्टाक की अधिकता का होना भी है। मिलरों के पास स्टाक ज्यादा है और निर्यात मंदे दामों पर हो रहा है ऐसे में मंडी में धान के भावों में गिरावट आना तो तय ही था।
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उन्होंने कहा कि इस समय राइस मिल भी भारी नुकसान में हैं। चावल के दामों में पिछले साल की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है। 1718 किस्म का जो चावल पिछले साल 9500 रुपए प्रति क्विंटल था वह अब घट कर 6400 रुपये रह गया। इसी तरह से 1121 और 1885 किस्मों के चावलों के दाम भी 30 से लेकर 40 प्रतिशत घट कर 7500 और 6500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। जब चावलों के दामों में भारी गिरावट है और मिलर की कैपेसिटी पूरी हो चुकी तो उसका असर मंडी में बिकने वाले धान पर सीधे तौर पर पड़ेगा। यही कारण है कि बारीक धान की कीमतों में 700 से 800 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट आई है।
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धान के दामों में दर्ज हुई गिरावट
किस्म अधिकतम दाम वर्तमान दाम
1718 3950 3200
1121 4400 4000
1401 3700 3000
1885 4100 3300
बासमती 5900 5200
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