संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में इन दिनों भीषण गर्मी ने लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार है, जबकि न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री दर्ज किया गया है। गर्मी के तेवरों से दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है। बहुत कम वाहन निकल रहे हैं।
दिन के समय तेज धूप और लू के थपेड़ों के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
गर्म हवाओं के चलते शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। अस्पतालों में भी गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर सब्जी उत्पादकों पर देखने को मिल रहा है। खासकर बेल वाली सब्जियां जैसे लौकी, तोरई, खीरा और कद्दू की फसल प्रभावित हो रही है।
अत्यधिक तापमान के कारण पौधों की बढ़वार धीमी हो गई है और फूल व फल कम लग रहे हैं, जिससे उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि पहले जहां फसलों की सिंचाई अंतराल पर करनी पड़ती थी, वहीं अब रोजाना पानी देना जरूरी हो गया है। तेज गर्मी के कारण मिट्टी की नमी तेजी से खत्म हो रही है, जिससे फसलें सूखने लगती हैं। इससे खेती की लागत भी बढ़ रही है और किसानों की चिंता गहरा गई है।
बाजार में बढ़ सकते हैं दाम : विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तापमान इसी तरह बना रहा तो आने वाले दिनों में सब्जियों के उत्पादन में कमी आएगी, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ेगा। ऐसे में सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं और आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक रमेश चंद्र ने बताया कि जून तक गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा।
स्वास्थ्य का रखें विशेष ध्यान : डॉ. गिल
जिला नागरिक अस्पताल में तैनात डॉ. जितेंद्र गिल ने सलाह दी कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। उन्होंने कहा कि हल्के व ढीले कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें तथा क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। पानी की कमी से उल्टी-दस्त की समस्या हो सकती है।
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उल्टी दस्त की समस्या हो तो पानी उबालकर ठंडा करके पिलाएं।
n बाहर का खाना न बच्चों को दें, न ही बड़े खुद लें।
n बच्चों को यूरिन कम आ रहा हो और उल्टी की भी समस्या है तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।