ब जिले में शनिवार को हुई बरसात के बाद लोगों को गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन उन किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं, जिन्होंने अपने खेतों में बासमती 1509 धान की फसल रोप रखी है। इन किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें है कि कहीं बरसात और ज्यादा न हो जाए और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पडे़। औसतन 10.28 एमएम बरसात हुई। इससे मौसम सुहावना हो गया। पिछले कई दिनों से बढ़ रहे तापमान में भी कमी आई।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के नायब सदर कानूनगो महावीर सिंह ने बताया कि शनिवार को ढांड क्षेत्र में सबसे ज्यादा 37 एमएम बरसात हुई। इसके अलावा कैथल में पांच, पूंडरी में छह, कलायत में 23 व सीवन में एक एमएम बरसात हुई। गुहला व राजौंद क्षेत्र में बरसात न के बराबर अर्थात हल्की बूंदाबांदी हुई।
बरसात के बाद जिले का अधिकतम तापमान 31 व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। करीब पांच किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चली हवा में 89 प्रतिशत तक नमी बनी रही। शाम को भी बरसात की संभावना 11 प्रतिशत रही।
कृषि विज्ञान केंद्र कौल के वैज्ञानिक डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि रविवार को भी बरसात की प्रबल संभावना है। अगर बरसात तेज होती है तो इससे 1509 किस्म की धान को नुकसान हो सकता है। बरसात से फसल के पौधों पर आई बालियों को नुकसान होगा। दाने भी सही नहीं बनेंगे और बालियां काली पड़ जाएंगी। इसके अलावा सब्जियों को भी नुकसान हो सकता है।