व्यवस्थाएं जांचने शुक्रवार को दोपहर बाद अचानक स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज जिला अस्पताल पहुंच गए। इस तरह से मंत्री के अस्पताल में छापा मारने से हड़कंप मच गया। जांच के दौरान उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भारी अनियमितता मिली। जिसपर उन्होंने सीएमओ को तलब कर फटकार लगाई और कहा कि अस्पताल नहीं संभाल सकते तो बता दें। नहीं तो सरकार कुछ करेगी। भड़के विज ने कहा कि पूरे अस्पताल को ऑपरेशन की जरूरत है। उन्होंने अनियमितताओं की विशेषज्ञों से जांच कराकर कार्रवाई के आदेश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री 3 बजकर 35 मिनट पर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे। जहां सबसे पहले उन्होंने एंबुलेंस सेवा कक्ष में जाकर जांच शुरू कर दी। यहां जीपीएस सिस्टम में एक एंबुलेंस को एक ही जगह पर 12 बजे से 3 बजे तक खड़ा होने पर पूरी जांच रिपोर्ट तलब कर ली। साथ ही 15 दिनों से एक एंबुलेंस के गैराज में खड़ा होने पर अधिकारियों को लताड़ लगाई। वहीं 21 जून को आई 4 नई एंबुलेंस के मुख्यालय स्तर से इंश्योरेंस न होने की भी जांच के आदेश जारी कर दिए। मंत्री ने कहा कि 15 दिन से एंबुलेंस ठीक नहीं हो रही। यहां मरीज मर सकते हैं। इसकी जांच की जाएगी।
शिकायत पर पाड़ला से मंगवाई एमएलआर बुक
इमरजेंसी में मंत्री को शिकायत में आंधली के परमजीत सिंह ने कहा कि उसे बिना दाखिल किए एमएलआर काट दी गई और इलाज नहीं हो रहा। विज ने मरीज की पर्चियां व एमएलआर रिकॉर्ड जांचा। साथ ही पाड़ला से एमएलआर बुक भी मंगवाई।
पूरा दिन इंतजार, नहीं मिला इलाज, सीएमओ के पास नहीं था जवाब
इमरजेंसी में गांव करोड़ा की पायल व काकौत को उर्मिला के गर्भपात संबंधी समस्या थी। वे सुबह से इमरजेंसी में थीं, दोनों ने इलाज न होने की शिकायत दी। विज ने सीएमओ से पूछा तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने सीएमओ से कहा- सीएमओ साहब देख लो... यहां इलाज क्यों नहीं मिल रहा लोगों को? सीएमओ ने तुरंत इलाज करने की बात कही।
इमरजेंसी में महिला चिकित्सक व एसएमओ के न होने पर लगाई लताड़
इमरजेंसी में एक महिला चिकित्सक व एक एसएमओ का होना अनिवार्य है। दोनों के न मिलने पर मंत्री ने सीएमओ सहित अस्पताल इंचार्ज को फटकार लगाई। अधिकारियों के पास इस बात का कोई जवाब नहीं मिला।
शौचालय में नहीं मिला साबुन
विज इमरजेंसी के वार्ड नंबर एक में बने शौचालय में गए। वहां साबुन न मिलने पर पहले सीएमओ, फिर अस्पताल इंचार्ज डा. आरपी गोयल को बुलाया और पूछा कि यहां साबुन रखने की जिम्मेदारी किसकी है, तो चिकित्सकों के पास कोई जवाब नहीं था।
ओटी और दवाओं के स्टोर रूम का किया निरीक्षण
विज ने इमरजेंसी में बने ओटी का निरीक्षण किया। स्टोर रूम में दवाओं की एक्सपायरी डेट भी जांची। इसके बाद फिर से एंबुलेंस रूम में जाकर उन्होंने जीपीएस सिस्टम पर खुद एंबुलेंस की गाड़ियों की जांच की और कहा कि सभी 8 गाड़ियों की लोकेशन बताओ।
नौकरी विभाग की, डिलीवरी कराती हैं बाहर
अस्पताल में एक कर्मचारी ने शिकायत दी कि यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी प्राइवेट अस्पताल में करवाई जाती है। एक स्टाफ इस काम में लिप्त है। उसकी वीडियो भी बनाई हुई है। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने वीडियो दिखाने को कहा। साथ ही कहा कि उनके कार्यालय में वीडियो भेज दो।
सीएमओ साहब ठीक बता दो...
स्वास्थ्य मंत्री ने निरीक्षण के बाद सीएमओ से सवाल किया कि सीएमओ साहब ठीक बता दो अस्पताल संभाल सकते हो या नहीं। अन्यथा सरकार कुछ करेगी। अस्पताल को इस तरह से नहीं छोड़ा जा सकता।
विभाग में मचा हड़कंप
मंत्री के छापे से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। अस्पताल में छुट्टी के बावजूद सफाई कर्मचारी सफाई में जुट गए। वहीं कई नर्सें मंत्री के पहुंचने के बाद वहां पहुंची। इसके अलावा अस्पताल में चादरें बदलने से लेकर पानी तक की सुविधा की जांच हो गई। अचानक हुए घटनाक्रम से मरीज भी हैरान थे।
ऑल इज नॉट वेल...
निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऑल इज नॉट वेल। निरीक्षण में काफी अनियमितताएं पाई गई हैं। इनमें से कई ऐसी हैं, जिसके बारे में रिकॉर्ड देखकर कार्रवाई की जाएगी। विज ने बेबाकी से कहा कि वे मौके पर ही फैसला करने वाले हैं। लेकिन एक बार रिकॉर्ड देखना जरूरी है। तभी कोई कार्रवाई होगी। जो भी खामियां पाई गई हैं, उनकी जांच की जाएगी। इस जांच के लिए यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भेजी जाएगी। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।...
निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऑल इज नॉट वेल। निरीक्षण में काफी अनियमितताएं पाई गई हैं। इनमें से कई ऐसी हैं, जिसके बारे में रिकॉर्ड देखकर कार्रवाई की जाएगी। विज ने बेबाकी से कहा कि वे मौके पर ही फैसला करने वाले हैं। लेकिन एक बार रिकॉर्ड देखना जरूरी है। तभी कोई कार्रवाई होगी। जो भी खामियां पाई गई हैं, उनकी जांच की जाएगी। इस जांच के लिए यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भेजी जाएगी। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।