स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों के लिए पिछले तीन दिनों से चल रही भर्ती प्रक्रिया पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई इससे पूर्व हटाए गए कर्मचारियों द्वारा किए गए केस में 28 फरवरी की सुनवाई के साथ ही होगी। वहीं इस फैसले से सैकड़ों की संख्या में उन उम्मीदवारों को झटका लगा है। जो इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल हैं। अब उन्हें भर्ती के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले दिनों एक बाल चिकित्सक, एक जिला अकाउंट मैनेजर, 4 अकाउंट सहायक, 12 एएनएम, 1 ऑडियोलॉजिस्ट, 4 आयूष डॉक्टर, 1 आरबीएसके व 3 फार्मासिस्ट की भर्ती निकाली थी। इसके लिए गत मंगलवार से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। जिसमें अलग-अलग श्रेणियों के लिए परीक्षाओं का आयोजन किया गया। बुधवार को एनएनएम के लिए हरियाणा सहित पंजाब व कई शहरों से करीब 452 उम्मीदवार पहुंची थीं। इसी तरह अन्य भर्तियों में भी सैकड़ों की संख्या में उम्मीदवारों ने इस भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन किया था। जिस पर अब रोक लग गई है।
याचिकाकर्ता डेंटल सर्जन डा. विनय गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में 18 जनवरी को एनएचएम में भर्तियां निकाली थीं। जिस पर अब माननीय हाईकोर्ट ने रोक लगाते हुए 28 फरवरी को उनके मुख्य एवं पहले से चल रहे केस के साथ ही सुनवाई निर्धारित की है। गुप्ता ने बताया कि 31 मार्च 2016 को एनएचएम से प्रदेश भर से करीब 1200 कर्मचारियों को बजट ना होने की बात कहकर हटाया गया था। जिस पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सरकार ने यह शपथ पत्र दिया हुआ है कि जब तक पुराने हटाए गए योग्यता पूरी करने वाले उम्मीदवार एडजस्ट नहीं होते, तब तक नई भर्ती नहीं होगी। डा. गुप्ता ने बताया कि अब इस नई भर्ती में आरबीएसके को-ऑर्डिनेटर के लिए निकाली गई भर्ती में शैक्षणिक योग्यता बदल दी गई। इसी शपथ पत्र के आधार पर हाईकोर्ट ने स्टे दिया है। जिसमें उनकी दलील थी कि जब पुराने हटाए गए कर्मचारियों के लिए बजट नहीं है तो नई भर्तियों के तहत नियुक्त हुए लोगों को वेतन कहां से देंगे।
वहीं स्टे की पुष्टि करते हुए एनएचएम में डिप्टी सिविल सर्जन डा. नीलम कक्कड़ ने बताया कि हाईकोर्ट के स्टे के बाद भर्ती प्रक्रिया रुक गई है। भर्ती के लिए टेस्ट आदि की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। केवल परिणाम जारी करना था। अब न्यायालय के फैसले के अनुसार अगली कार्रवाई होगी।