कैथल के निजी अस्पताल में कार्यरत एक युवक कलायत एरिया में ही पोर्टेबल मशीन के माध्यम से लिंग जांच का धंधा चला रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नकली ग्राहक के माध्यम से जाल बिछाकर उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन भनक लगने पर वह ग्राहक बनी महिला को सुनसान जगह छोड़कर फरार हो गया। बाद में डिप्टी सीएमओ की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
कलायत थाना में उप सिविल सर्जन डा. नीलम कक्कड़ ने लिखित में शिकायत दी थी कि गांव कैलरम का ऋषिपाल निवासी गैर कानूनी तरीके से पोर्टेबल आल्ट्रासांउड मशीन से मोटी रकम लेकर लिंग जांच कार्य में संलिप्त है। आरोपी को दबोचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने योजना के तहत एक टीम बनाई जिसमें चिकित्सा अधिकारी डा. विकास भटनागर डा. नीरज मंगला, राजेश कुमार को भी शामिल किया गया। आरोपी को पकड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नकली ग्राहक तैयार कर योजना में शामिल किए। योजना के अनुसार टीम एक निजी गाड़ी में सवार होकर गांव बालू की रापडिया पट्टी में एक मकान पर पहुंचे। यहां से लिंग जांच के लिए आगे भेजा जाना था।
पुलिस व चिकित्सकों की टीम तीन घंटे तक इंतजार करती पर मामला सिरे नहीं चढ़ सका। आरोपी ने उनके साथ रात आठ बजे काम को अंजाम देने का वादा किया। रात आठ बजे फिर वही टीम गांव बालू पहुंच गई तथा आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। आधे घंटे के बाद लिंग जांच करने वाला व्यक्ति आया व उसने कहा कि अकेली महिला को अपने साथ लेकर जाएगा व जांच के बाद यहीं छोड़ जाएगा। सारा मामला बीस हजार रुपये में तय हुआ। जिस समय आरोपी महिला को गाड़ी में बैठा कर निकला तो टीमों ने उसका पीछा करना चाहा पर अंधेरे का फायदा उठाकर वह निकल गया। एक घंटे के बाद आरोपी लिंग जांच कर महिला को लेकर लौटा तो तथा वादे के अनुसार सतबीर से रुपये लेने लगा तो सामने से आती हुई पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम को देख पैसे वहीं छोड़ कर महिला कर्मजीत को लेकर फरार हो गया। करीब एक घंटे बाद महिला कर्मजीत से संपर्क होने पर पता चला कि उक्त व्यक्ति उसे सुनसान जगह पर छोड़ कर भाग गया।
महिला की निशानदेही पर टीम उस जगह पहुंची जहां उसका लिंग जांच हुआ था तथा जांच में आरोपी ने गर्भ में लड़की का होना बताया था। मौके पर टीम को न तो व्यक्ति मिला तथा न ही लिंग जांच में प्रयुक्त होने वाला कोई संयंत्र। आस-पड़ोस से जब जानकारी जुटाई गई तो आरोपी की पहचान ऋषिपाल पुत्र ओमप्रकाश निवासी गांव कैलरम के रूप में हुई। छापामार टीम को यह भी पता चला की आरोपी कैथल के एक निजी अस्पताल में नौकरी करता है।
इसके बाद विभाग की टीम संबंधित निजी अस्पताल में पहुंचने पर अस्पताल संचालक चिकित्सक ने इस बात की पुष्टि कर दी। कलायत पुलिस ने डा. नीलम कक्कड़ की शिकायत पर ऋषिपाल पुत्र ओमप्रकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश में जुट गई।