जिले में अब डेंगू से पीड़ित मरीज को यदि प्लेटलेट्स की आवश्यकता पड़ी तो स्वास्थ्य विभाग उसे निशुल्क उपलब्ध करवाएगा, लेकिन इसके लिए मरीज का सरकारी अस्पताल में दाखिल होना अनिवार्य होगा। पहले डेंगू के मरीजों के लिए यह सुविधा केवल बीपीएल श्रेणी में ही मिल रही थी। अब सरकार ने सभी वर्गाें के लिए इसे निशुल्क कर दिया है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। एक प्लेटलेट्स यूनिट पर करीब दस से बारह हजार रुपये खर्च आता है।
डेंगू के मरीजों में अक्सर प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है, जिसमें मरीज की मृत्यु का भी खतरा रहता है। ऐसे में प्लेटलेट्स चढ़ाकर मरीज की जान बचाई जा सकती है। जिले के सरकारी अस्पताल में रक्त से प्लेटलेट्स निकाले जाने की सुविधा फिलहाल नहीं हैं, इसके लिए करनाल जाना पड़ता है या फिर निजी लैब का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में डेंगू के मरीजों की समस्या बढ़ जाती है। यही कारण है कि विभाग की ओर से अब डेंगू के सभी मरीजों को प्लेटलेट्स निशुल्क देने का निर्णय किया गया है।
विदित हो कि एक यूनिट रक्तदान करने के बाद उसकी तीन यूनिट बनाई जाती है, जिसमें एक यूनिट में रक्त, दूसरी यूनिट में प्लाज्मा और तीसरी यूनिट में प्लेटलेट्स एकत्रित की जाती है। सीएमओ डा. शैलेंद्र शैली ने बताया कि एक प्लेटलेट्स यूनिट पर 10 से 12 हजार रुपये का खर्च आता है। जिला अस्पताल सहित सरकारी अस्पतालों में दाखिल बीपीएल मरीज को अभी तक यह सुविधा निशुल्क दी जाती थी। अब सभी वर्गों के लोगों को निशुल्क प्लेटलेट्स उपलब्ध करवाई जाएगी।