संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जियो फेंसिंग के विरोध में वीरवार को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने जिला नागरिक अस्पताल में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सांकेतिक धरना दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जिला सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सैनी को ज्ञापन भेजा।
कर्मचारियों ने कहा कि वे जियो फेंसिंग का विरोध करते हैं, क्योंकि यह केवल स्वास्थ्य विभाग पर ही लागू की जा रही है, जबकि अन्य विभागों पर इसे लागू नहीं किया गया। उनका कहना था कि जियो फेंसिंग लागू होने से स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यप्रणाली प्रभावित होगी।
इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। तालमेल कमेटी की ओर से पहले भी विभाग की मंत्री आरती राव को ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद यह एप लागू की जा रही है।
हेल्थ कर्मी गुलाब ने कहा कि सरकार को यह फैसला तुरंत वापस लेना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सके।
आईएमए के प्रधान डॉ. ललित जांगड़ा ने कहा कि जियो फेंसिंग से कर्मचारियों के निजी मोबाइल डाटा के लीक होने का खतरा रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया, तो विरोध आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा।
प्रधान अमित बूरा ने कहा कि कर्मचारी पहले ही बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। अब जियो फेंसिंग से हाजिरी लेने का निर्णय पूरी तरह गलत है। तालमेल कमेटी इस मामले में पहले भी ज्ञापन दे चुकी है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
देवी रानी ने कहा कि जब कोरोना महामारी के समय स्वास्थ्यकर्मियों ने दिन-रात सेवा दी, तब कोई एप लागू नहीं की गई। अब कर्मचारियों पर नए-नए नियम थोपे जा रहे हैं, जो बिल्कुल अनुचित है।