पिछले सीजन में जिले भर में हुए डेंगू के हमले के बावजूद प्रशासन व सरकार ने शायद कोई सबक नहीं लिया है। शायद यही कारण है कि शहरों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा करवाई जानी वाली फॉगिंग पर रोक लगा दी गई है। वहीं नगर परिषद व नगर पालिकाओं के जिम्मे फॉगिंग का कार्य होने के बावजूद अभी तक किसी भी नगर पालिका में इस बारे में कोई काम होता नहीं दिख रहा। जबकि जुलाई माह में ही मिल रहे डेंगू के लार्वे से विभागीय अधिकारी हैरान हैं। इस बार भी डेंगू का प्रकोप हो सकता है।
276 केस पाए गए थे पिछले साल पॉजीटिव, 2 की हुई थी मौत
पिछले साल कैथल सहित जिले के लगभग सभी इलाकों में डेंगू का भारी प्रकोप था। विभागीय आंकड़ों में ही 276 केस पॉजीटिव पाए गए थे। जबकि 2 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि विभाग इन दोनों मौतों का कारण डेंगू नहीं बता रहा है। लेकिन परिजनों ने डेंगू से हुई मौत बताया था।
शहरों में फॉगिंग पर लगाई विभाग ने रोक
हर साल फॉगिंग का कार्य करने वाले स्वास्थ्य विभाग पर शहरों में फॉगिंग करवाए जाने पर रोक लगा दी गई है। जिस कारण कैथल शहर, पूंडरी, कलायत, गुहला-चीका व राजौंद नगर पालिकाओं के एरिया में विभाग इस बार फॉगिंग नहीं करवाएगा। स्वास्थ्य विभाग के पास केवल ग्रामीण एरिया की जिम्मेदारी छोड़ दी गई है।
विभाग ने लिखा सभी नगर परिषद व नगर पालिकाओं को पत्र
स्वास्थ्य विभाग ने सरकार के इस निर्णय के बारे में सभी नगर परिषदों, नगर पालिकाओं को पत्र लिखकर सूचित कर दिया है। लेकिन अभी तक इन कार्यालयों की ओर से स्वास्थ्य विभाग से तकनीकी सहायता के लिए संपर्क नहीं किया गया है। न ही फॉगिंग मशीन खरीदने जैसी कोई जानकारी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के पास तीन फॉगिंग मशीनों का प्रबंध है। जिसमें एक रेडक्रॉस की तो 2 विभाग की अपनी छोटी मशीनें हैं। पिछले साल डेंगू के प्रकोप के कारण तत्कालीन डीसी ने एक बड़ी मशीन रेडक्रॉस के माध्यम से खरीद थी।
विभागों के बीच नहीं हो पा रहा फैसला
डेंगू का सीजन शुरू होने को है। विभाग द्वारा पिछले साल की गंभीर स्थिति के चलते अभी से एंटी लार्वा अभियान चलाया गया। जिसमें शहर में डेहा बस्ती, सपेरा बस्ती, अमरगढ़ गामड़ी, कृष्णा कालोनी, सेक्टर 19 सहित कई जगह डेंगू का लार्वा मिला है। इतनी गर्मी के मौसम में डेंगू का पनपना विभागीय अधिकारियों के लिए हैरानी का विषय बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर अभी तक फॉगिंग को लेकर संशय बना हुआ है। जिस कारण इस बार परेशानी ज्यादा हो सकती है।
विभाग के आदेश हैं कि स्वास्थ्य विभाग केवल ग्रामीण एरिया में फॉगिंग करवाएगा। शहरों में फॉगिंग का कार्य नगर परिषद या नगर पालिकाओं का है। इस बारे में सभी कार्यालयों को पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन अभी तक किसी नगर पालिका ने तकनीकी सहायता या फिर मशीनों के खरीदने जैसी जानकारी नहीं दी है। एंटी लार्वा अभियान के बीच कई बस्तियों व कालोनियों में जुलाई में ही डेंगू का लार्वा मिला है।
डा. देवेंद्र सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन कैथल।
डेंगू का लार्वा मिलने जैसी जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं हैं। नगर परिषद व नगर पालिकाओं के अधिकारियों से इस बारे में बात की जाएगी। नियमानुसार शहरों में फॉगिंग करवाई जाएगी। इस कार्य में जनता से भी सहयोग की अपील है। लोग अपने घरों में पानी खड़ा न होनें दें। कूलरों, टायरों या फिर अनावश्यक वस्तुओं में पानी खड़ा न होने दें।
डा. रविप्रकाश गुप्ता, डीसी, कैथल।