संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। गांव फरल में शनिवार को कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री सुल्तान सिंह जडौला की तरफ से हाथ से हाथ जोड़ो कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद व कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश की गठबंधन सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाता हुए सरकार में हरियाणा बेरोजगारी में नंबर वन बन चुका है। अब समय आ चुका है कि इस सरकार को सत्ता से बाहर किया जाए।
हुड्डा ने कहा कि वे खिलाड़ियों से आग्रह करते हैं कि वे अपने पुरस्कार न लौटाएं। ये महिलाओं और खेल के सम्मान के लिए अच्छे संकेत नहीं है। खिलाड़ी अपने न्याय की लड़ाई जारी, उनकी इस लड़ाई में वे साथ खड़े हैं। हुड्डा ने कहा है कि वे केंद्र की मोदी सरकार के एक देश-एक चुनाव के विचार का स्वागत करते है और प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस विचार का अनुसरण करने की गुजारिश करते हैं।
उन्होंने प्रदेश की जनता के हितों के लिए लोकसभा व विधानसभा चुनाव एक साथ करवाने की मांग की। उन्होंने देश की सबसे बड़ी पंचायत में 150 के करीब सांसदों के निलंबन को लोकतंत्र की हत्या बताया। कहा कि सांसदों का गुनाह केवल ये था कि उन्होंने देश के गृहमंत्री से संसद में सुरक्षा को लेकर हुई चूक पर सवाल किया था। अब यदि सवाल पूछने पर निलंबन होगा तो वे देश के लोगों से सवाल पूछते है कि यदि वे सवाल न करें तो क्या करें।
जजपा पर कहा कि हरियाणा से अब इनका जनाधार समाप्त हो चुका है। हरियाणा में जजपा की चाबी असफल हुई है और उनकी दुकान पर ताला लग गया है। राजस्थान में भी पार्टी के लोग चाबी लेकर गए, लेकिन ताला नहीं खोल पाए। जजपा ने प्रदेश के बुजुर्गों से ये कहकर वोट लिए कि पेंशन 5100 करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
गठबंधन सरकार की ओर से सरपंचों के हितों पर किए गए कुठाराघात पर कहा कि गांव के सरकार के अधिकार समाप्त करना बहुत गलत है। इस मौके पर दिल्लू राम बाजीगर, सज्जन सिंह ढुल, सुलतान सिंह जडौला, कंवरपाल करोड़ा, प्रदीप चौधरी, गंगाराज करोड़ा,भूप सिंह सैनी, सतपाल मलिक आदि मौजूद रहे।