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हरियाणा: कैथल के हरविंदर सिंह ने एशियन पैरा गेम्स में जीता गोल्ड, पिता ने याद किया संघर्ष भरा सफर

Sat, 24 Oct 2026 10:19 AM IST
Naveen संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)

सार

पेरिस पैरालंपिक में पुरुष रिकर्व के फाइनल में गोल्ड मेडल जीतने वाले 33 वर्षीय हरविंदर सिंह अर्थशास्त्र विभाग से पीएचडी भी कर रहे हैं। उन्होंने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन अपने दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से उन्होंने खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में सफलता हासिल की है।
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पैरा तीरंदाज हरविंदर सिंह के परिजन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कैथल के अजीत नगर निवासी पैरा तीरंदाज हरविंदर सिंह ने एशियन पैरा गेम्स में अपने साथी विजय सुंडी के साथ मिलकर पुरुषों के डबल्स इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस शानदार जीत के बाद हरविंदर के घर पर जश्न का माहौल है। उनके पिता ने बेटे के पोलियो से लेकर तीरंदाजी में इस मुकाम तक पहुंचने के संघर्ष भरे सफर को याद किया।

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फाइनल में चीन को हराया
ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में खेले गए फाइनल मुकाबले में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की जोड़ी ने चीन के युन डुओ और झाओ लिक्स्यू की जोड़ी को 5-1 से हराया। मुकाबले का पहला सेट दोनों टीमों के बीच 35-35 अंकों की बराबरी पर रहा, लेकिन इसके बाद भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अगले सेटों में बढ़त बनाई और अंततः स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।

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बचपन से संघर्ष और दृढ़ संकल्प
हरविंदर सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। मात्र डेढ़ साल की उम्र में बुखार के कारण उन्हें पैरालाइज्ड हो गए थे, जिससे उनकी बाईं टांग में दिक्कत आ गई। बावजूद इसके, उन्होंने हार नहीं मानी। पटियाला यूनिवर्सिटी में तीरंदाजी का शौक पैदा होने के बाद उन्होंने ठान लिया था कि वे देश के लिए पदक जीतेंगे। टोक्यो पैरालंपिक में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने इतिहास रचा था। कोरोना काल के दौरान उनके पिता ने अपने खेत को ही आर्चरी रेंज में तब्दील कर दिया था, ताकि बेटे की ट्रेनिंग प्रभावित न हो।

अर्थशास्त्र में पीएचडी कर रहे हैं हरविंदर
पेरिस पैरालंपिक में पुरुष रिकर्व के फाइनल में गोल्ड मेडल जीतने वाले 33 वर्षीय हरविंदर सिंह अर्थशास्त्र विभाग से पीएचडी भी कर रहे हैं। उन्होंने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन अपने दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से उन्होंने खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में सफलता हासिल की है।

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