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बारिश से सब्जियों की पैदावार को नुकसान, दाम हुए दोगुने

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Harvesting of vegetables due to rain, prices doubled - फोटो : Kaithal
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एक पखवाड़े से बारिश के कारण सब्जियों की फसलें खराब हो गईं और दूसरे शहरों से आने वाली सब्जियों पर एक तरह से रोक लगी हुई है। जिस कारण सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। टमाटर लाल हो चले हैं तो हरी सब्जियों की कीमतें भी करीब करीब दोगुनी हो गई हैं। जलभराव की स्थिति में कई सब्जियों की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। दुकानदारों का कहना है कि अधिकांश सब्जियां बाहर से आती थीं, पर भी असर हुआ है। जो लोकल हरी सब्जियों की फसल थीं, वह बारिश में पानी जमा होने से खराब हो गई है। बारिश आने के बाद कुछ समय के लिए सब्जियों का भाव और बढ़ सकते हैं।
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टमाटर के दाम बारिश के कारण आसमान पर हैं। कुछ ही दिनों में टमाटर की आपूर्ति कम होने के कारण टमाटर के भाव में बहुत अधिक बढ़ोतरी हुई है। टमाटर के शौकीनों की थाली से जहां टमाटर गायब है, वहीं हरी सब्जियां भी आंख से आंसू निकाल रही हैं। आलम यह है कि बाजार में सब्जी की खरीदारी करने वाले लोग मोल भाव करने के बाद ही खरीदारी कर रहे हैं। जो सब्जी महंगी लग रही है उसे नहीं खरीद रहे हैं।
सब्जी उत्पादक किसान राजेश रहेजा ने बताया कि बारिश के बाद सब्जियां खराब हो गई। जो सब्जियां डैंबू स्टैंकिंग पर है वही थोड़ी बहुत सब्जियां बची है। बाकी सभी सब्जियां पहाड़ी क्षेत्र से आ रही है। सब्जियाें के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है, लोकल सब्जियां की आवक बंद होने से जो सब्जियां बाहर से आ रही है, वह महंगी मिल रही है। बारिश के कारण जैसे ही खेतों में पानी जमा हुआ तो सब्जियों की फसल खराब हो गई।
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सब्जी मंडी में थोक कारोबारी संजय कुमार का कहना है कि सब्जियों के दाम में 5 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसका कारण है कि एक तो लोकल सब्जियों की आवक बहुत ही कम हो गई है। दूसरा बाहर से जो सब्जियां आ रही है पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होने के कारण ट्रांसपोर्ट का भी खर्च बढ़ गया है। कई जगह बारिश के कारण इनकी आपूर्ति करीब करीब बंद है।
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