संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/कलायत। अनाज मंडी में शुक्रवार को गेहूं की खरीद विधिवत रूप से आरंभ हो गई। एजेंसी ने करीब 11 हजार मीटि्रक टन गेहूं की खरीद की। बीते दिनों खरीद न होने का कारण नमी को बताया गया। किसानों तो चार दिनों से फसल अनाज मंडी में ला रहे थे पर खरीद न होने से निराश थे। शुक्रवार को खरीद होने से उनके चेहरे खिल गए।
मार्कीट कमेटी सचिव अरविंद श्योकंद, मंडी प्रधान सुरेंद्र ढुंढवा व कमेटी पदाधिकारियों की मौजूदगी में हैफेड ने खरीद की शुरुआत की। अरविंद श्योकंद ने कहा कि अभी तक जो गेहूं मंडी में आ रही थी वह खरीद के मानकों पर खरा नहीं उतर रही थी। गेहूं में नमी की मात्रा 14 प्रतिशत आ रही थी। शुक्रवार को जिस भी ढेरी में नमी की मात्रा 12 प्रतिशत मिली उसे हैफेड द्वारा खरीदा गया है।
खरीद एजेंसी हैफेड प्रभारी कर्ण ने कहा कि पहले दिन हैफेड ने गेहूं की खरीद की। उन्होंने कहा कि एजेंसी के पास बारदाना की कमी नहीं। लिफ्टिंग के लिए दो एजेंसियों को नियुक्त किया गया है जिनके पास पर्याप्त मात्रा में आधारभूत ढांचा है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी गेहूं की फसल को पूरी तरह से सुखा कर ही मंडी में लाएं ताकि उसकी खरीद में कोई व्यवधान न आए।
मंडी प्रधान सुरेंद्र ढुंढवा ने कहा कि अधिक मात्रा में जिंस आने के कारण मंडी छोटी पड़ जाती है जिसके चलते मंडी से बाहर भी व्यापारियों को गेहंू डलवाना पड़ता है। उनकी कमेटी की पूरी कोशिश रहेगी कि मंडी के विस्तार के लिए वे लोग लगातार सरकार से संवाद कर इस समस्या का निराकरण करवाएं।
उधर, अनाज मंडी में अटल मजदूर कैंटीन न होने को लेकर मार्कीट कमेटी सचिव श्योकंद ने कहा कि यह कैंटीन बोर्ड द्वारा अलाट की जानी है जो अभी तक नहीं हुई। इसको लेकर वे बोर्ड से बार बार लिखित में संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मंडी में पीने के पानी व बिजली की व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए मार्केट कमेटी ने पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल मंडी में 12 लाख 85 हजार बैग गेहूं खरीदा गया था जिसकी इस साल अधिक होने की संभावना है।
उधर, पाई की अनाज मंडी में शुक्रवार को खरीद के 12वें दिन भी सरकारी खरीद शुरू न होने पर भाकियू, किसान व मंडी के आढ़तियों में जिला प्रशासन के प्रति रोष जताया और चेतावनी दी है कि यदि कल शनिवार को पाई मंडी में खरीद शुरू नही की गई तो वे पूंडरी-राजौंद मार्ग अनिश्चितकालीन के लिए बंद कर देगे।
पाई मंडी प्रधान कृष्ण ढुल, आढ़ती रणधीर सिंह फौजी, रामकुमार, किसान यूनियन के कार्यकारी प्रधान बलवान पाई, करतारा राम, दिलबाग, वीरेंद्र आदि ने बताया कि जिला प्रशासन पाई मंडी में बारदाना देना नही चाहता, अपितु किसानों की गेहूं की फसल सीधा साइलो में भेजना चाहता है, परंतु वे किसी भी कीमत पर किसानों की फसल साइलों में नहीं जाने देगे। उन्होंने बताया कि हम जिला प्रशासन को कल का दिन देते है और यदि खरीद शुरू नही हुई तो पुंडरी राजौंद मार्ग अनिश्चितकालीन तौर पर बंद कर देगे, जिसकी जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने बताया कि इस समय मंडी किसानों की गेहूं की फसल से लबालब भर गई है, परंतु खरीद अधिकारी सोये पड़े है। मार्केट कमेटी सचिव जोगिंद्र सिंह पेसियां ने बताया कि पाई मंडी में हैफेड व हरियाणा वेयर हाउस ने फसल खरीद करने के लिए कर्मी नियुक्त किए हैं।