कैथल। अनाज मंडियों में हैफेड की ओर से उठान में देरी की जा रही है। इस कारण आढ़तियों में काफी रोष है। देरी के कारण आढ़तियों ने अब सरकार के खिलाफ अपना रोष जताया है। दो दिन पहले हुई बारिश से अनाज मंडियों में खुले पड़े गेहूं के भीगने से काफी नुकसान हुआ था। इसके बाद एक दिन तो उठान में संबंधित एजेंसियों की ओर से उठान में तेजी लाई बई, लेकिन अब फिर से वही स्थिति बन गई है। आढ़तियों को माल उठवाने के लिए गाड़ियां भी उपलब्ध नहीं हो पा हरी है। इस कारण शहर की अतिरिक्त अनाज मंडी में अभी 100 में से 50 प्रतिशत माल का उठान होना बाकी है। नई अनाज मंडी एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन धर्मपाल कठवाड़ ने बताया कि बारिश के बाद एक दिन तो गाड़ियां मंडी में पहुंची, लेकिन फिर से वही स्थिति बन गई है। वहीं, अनाज मंडियों में अब तक गेहूं की 15 लाख 60 हजार 946 क्विंटल कुल आवक हो चुकी है। इसमें से 15 हजार 27 हजार 562 क्विंटल खरीद, 10 लाख छह हजार 263 क्विंटल का उठान हो चुका है। इसके साथ छह लाख 88 हजार 58 क्विंटल का उठान बाकी है। संवाद
अब तक छह लाख 15 हजार 881 मीट्रिक टन गेहूं की हुई खरीद ः डीसी
कैथल। डीसी प्रशांत पंवार ने बताया कि अब तक छह लाख 15 हजार 881 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। जिला में गेहूं की कुल आवक में से गेहूं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने एक लाख 70 हजार 278 मीट्रिक टन, हैफेड ने दो लाख 76 हजार 513 मीटि्रक टन, एफसीआई ने 57 मीट्रिक टन तथा हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने एक लाख 69 हजार 33 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इसमें तीन लाख दो हजार 40 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। संवाद