पूंडरी। पूंडरी खंड का गांव हाबड़ी वैसे तो राष्ट्रीय खेल हॉकी के नाम से जाना जाता है, लेकिन आजकल हाबड़ी पंचायती चुनाव के चलते पूंडरी हलके की हॉट सीट बना हुआ है। गांव हाबड़ी में कुल मतदाता लगभग 8700 हैं। यहां पर करीब 26 साल बाद महिला के हाथ में गांव की चौधर आएगी। इसी के चलते यहां पर महिला उम्मीदवारों में जोरदार मुकाबला होने की संभावना ग्रामीणों ने जताई है।
गांव हाबड़ी सिख बाहुल्य गांव है। इस चुनाव में 14 सरपंच पद के प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन तीन प्रत्याशियों के नामांकन वापस लेने के बाद अब 11 महिला प्रत्याशी चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। गांव हाबड़ी में सात महिला सिख समाज से, एक-एक पंजाबी खत्री, रोड़, जांगड़ा व एक महिला एससी वर्ग से है। ग्रामीणों की माने तो यहां पर त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। मुख्य मुकाबला प्रभजोत कौर, राजबीर कौर व हरनीत कौर में होने की संभावना ग्रामीणों ने जताई है। चुनाव में पूर्व सरपंच की पत्नी गुरलीन कौर भी अपनी किस्मत आजमा रही हैं। इससे मुकाबला जोरदार हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि आज तक बाबू मदनमोहन के बाद कोई भी सरपंच दो बार लगातार नहीं जीत पाया। ऐसा नहीं है कि सिख बाहुल्य होने से यहां पर सिख ही जीतता है। अब तक गांव में बाबू मदन मोहन, शिवनंदन, रघबीर जांगड़ा व सतपाल गैर सिख भी चुनाव में अपना परचम लहरा चुके हैं। सिख समाज से केसर सिंह, सुंदर सिंह, हरभजन सिंह, गुलजार सिंह, अर्जुन सिंह, दीदार सिंह, व पलविंद्र सिंह सरपंच रह चुके हैं। पिछले चुनाव में भी पलविंद्र सिंह अर्थात सिख समाज के उम्मीदवार ने ही जीत हासिल की थी। गांव में करोड़ों रुपयों की लागत से हॉकी का स्टेडियम बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 26 वर्ष बाद गांव की चौधर किसी महिला के हाथों में आएगी।
गांव में सिख समाज व मजहबी सिख के लगभग 2400 मतदाता, अनुसूचित जाति के 2200, पिछड़ी जाति के लगभग 1200, ब्राह्मण लगभग 700, रोड़ 250, पंजाबी खत्री 100, मुस्लिम 150 व ईसाई लगभग 70 मतदाता हैं।