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Kaithal News: जिला स्तरीय मय थाई प्रतियोगिता में गुरमीत व सत्यदेव प्रथम

Fri, 26 Apr 2024 04:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिले के दो खिलाड़ियों ने जिला स्तरीय मय थाई प्रतियोगिता में दो पदक हासिल किए हैं। यह प्रतियोगिता पहली बार हुई है। ये प्रतियोगिता ताइक्वांडो प्रतियोगिता से मिलती जुलती है।

यह प्रतियोगिता कैथल में ही जीत स्पोर्ट्स अकादमी में 24 अप्रैल को हुई। प्रतियोगिता में लगभग 100 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसमें शहीद भगत सिंह मार्शल आर्ट्स अकादमी के गुरमीत ने स्वर्ण व सत्येदव ने रजद पदक हासिल किया है।
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पदक जीतने वाले दोनों खिलाड़ियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है। राज्य स्तर पर दोनों खिलाड़ी चार से छह मई तक भिवानी में हिस्सा लेंगे। पदक जीतने की खुशी उनके चेहरे पर दिख रही थी।

मैं बीते पांच वर्ष से लगातार शहीद भगत सिंह मार्शल अकादमी में ताइक्वांडो प्रतियोगिता का अभ्यास कर रहा हूं। पहली बार जिले में मय थाई प्रतियोगिता हुई। इसमें उनका जिले स्तर पर स्वर्ण पदक आया है। इसके साथ ही उसका चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है। खेल के लिए मेरे माता पिता मेरा पूरा सहयोग करते हैं। - गुरमीत, खिलाड़ी।

मैं ताइक्वांडो प्रतियोगिता बीते चार वर्ष से खेल रहा हूं। बीते दिन पहली बार जिला स्तर पर मय थाई प्रतियोगिता में भाग लिया है। पहली बार में ही उसे रजत पदक हासिल किया है। मेरा लक्ष्य में मय थाई प्रतियोगिता में राज्य स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक लेकर आना है। चार से छह मई को राज्य स्तर पर मय थाई प्रतियोगिता भिवानी में आयोजित होगी-सत्यदेव, खिलाड़ी।

मैं बीते आठ वर्षों से बच्चों का ताइक्वांडो का अभ्यास करवा रहा हूं। इस बार उसकी अकादमी के खिलाड़ियों ने मय थाई प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है। यह प्रतियोगिता भी ताइक्वांडो प्रतियोगिता से मिलती जुलती प्रतियोगिता है। जिले में पहली बार इस प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया है। इसमें जिले के दो खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए है। इनका राज्य स्तर के लिए चयन हुआ है। -सोनू रंगा, कोच।
क्या है मय थाई प्रतियोगिता
मय थाई थाईलैंड का एक कठिन मार्शल आर्ट है। इसमें भिन्न जकड़न (क्लिंचिंग) तकनीकों के साथ खड़े होकर प्रहार किए जाते हैं। यह किक बॉक्सिंग की अन्य इंडो-चाइनीज़ (भारतीय-चीनी) शैलियों के समान है। मय थाई ‘आठ अंगों की कला’ या ‘आठ अंगों के विज्ञान’ के रूप में जाना जाता है क्योंकि इसमें पंच (मुक्का), किक (पैर से हिट करना), कोहनी और घुटने से प्रहार किया जाते हैं। इस प्रकार से इसमें ‘संपर्क के आठ बिन्दुओं’ का उपयोग किया जाता है। इसके विपरीत पश्चिमी बॉक्सिंग में ‘दो बिंदुओं‘ (मुट्ठी) का और खेल उन्मुख मार्शल आर्ट्स में ‘चार बिंदुओं’ (हाथ और पैर) का उपयोग किया जाता है। मय थाई में प्रैक्टिस करने वाले पेशेवर को नाक मय के नाम से जाना जाता है।
सब जूनियर व सीनियर मय थाई प्रतियोगिता में एसएस बाल सदन स्कूल के विद्यार्थियों ने जीते पदक

सीवन। जिला स्तरीय सब जूनियर व सीनियर मय थाई प्रतियोगिता में सीवन के एसएस बाल सदन स्कूल के बच्चों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए छह स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य पदक प्राप्त किए। स्कूल में पहुंचने पर बच्चों का स्वागत किया और बच्चों के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया।

इस अवसर प्रधानाचार्य संजीव शर्मा व संजय सरदाना ने बताया कि जिला स्तरीय सब जूनियर व सीनियर मय थाई प्रतियोगिता का आयोजन कैथल में करवाया गया था जिसमें जिला के बहुत से स्कूलों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में उनके स्कूल के बच्चों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और स्कूल व अपने माता पिता का नाम रोशन किया है।

उन्होंने बताया कि अपने

अपने भार वर्ग में सभी बच्चों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। नवराज सिंह ने 30 किलो भार वर्ग में स्वर्ण , हरमन ने 36 किलो भार वर्ग में स्वर्ण, ऐंजल ने 44 किलो भार वर्ग में स्वर्ण, सलोनी ने 58 किलो भार वर्ग में स्वर्ण पदक, युवराज ने 48 किलो भार वर्ग में स्वर्ण पदक, असमजोत ने 45 किलो भार वर्ग में स्वर्ण पदक प्राप्त किया है।
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इसके साथ ही रजत पदक प्राप्त करने वालों में आजाद, यश, गुरनूर, दिशा, महिमा, एकमदीप शामिल हैं। इसके लिए स्कूल के कोच रवि मोरिया भी बधाई के पात्र हैं। कहा कि स्कूल का उद्देश्य बच्चों को

शिक्षा के साथ साथ उनका सर्वांगीण विकास करना होता है। खेलों में बच्चे भविष्य संवार सकते हैं।

पदक प्राप्त करने वाले बच्चों व स्कूल के कोच को स्कूल प्रबंधन समिति व स्कूल स्टाफ सदस्यों द्वारा बधाई दी गई। संवाद
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