गुहला-चीका। नगरपालिका चीका की कृषि योग्य भूमि की सरकारी बोली का किसानों ने पूर्ण रूप से बहिष्कार कर दिया। नगरपालिका द्वारा अपनी कृषि योग्य करीब 500 एकड़ भूमि को हर वर्ष खुली बोली के माध्यम से किसानों को एक साल के लिए पट्टे पर दिया जाता है। इससे उसे लाखों की आमदनी होती है, लेकिन इस बार किसानों द्वारा बोली ना दिए जाने के चलते खजाना पूरी तरह खाली रहा। इसका मुख्य कारण गुहला व सीवन को डार्क जोन घोषित करना है। इसकी नाराजगी का पहला रुझान बोली न देने के रूप में सामने आया है।
इस संबंध में किसान जयपाल, नरेंद्र, गजे सिंह, शमशेर, ज्ञान, दिलबाग व हरजिंदर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा यहां पानी के गिरते जलस्तर को ऊपर उठाने के लिए किए जाने वाले प्रयासों का वे स्वागत करते हैं। इसके विपरित गुहला को डार्क जोन में डालकर धान की खेती पर लगाए जाने वाले आदेश का वे विरोध करते हैं। उन्होंने कहां कि हर साल बोली का रेट बढ़ा दिया जाता है। पिछले साल यह साढ़े 17 हजार था फिर 18000 किया। अब की बार साढ़े 24 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से ठेके का रेट रखा है, जो कि सरासर किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि यदि नगर पालिका ठेके का रेट 10 या 12 हजार रखती है तो वे जमीन लेने के लिए तैयार हैं।
तैयारियां रह गई अधूरी
नप प्रशासन ने कोरोना के चलते इस बार तैयारियां कुछ ज्यादा ही की थी। सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखने के लिए नपा प्रशासन ने बोली का स्थान नपा से बदलकर भवानी मंदिर के खुले प्रांगण में रखा। जिस पर हजारों रुपये भी खर्च किये गए। नपा ने एक बड़े ट्रंक का भी बंदोबस्त किया था जिसमें बोली के लिए प्रतिभूति राशि रखी जानी थी।
सरकार द्वारा गुहला को डार्क जोन में शामिल करने को सरकार की किसान विरोधी सोच का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों से कोई लेना देना नहीं है
दिल्लू राम बाजीगर, पूर्व विधायक व वरिष्ठ कांग्रेस नेता
इस संबंध में सारी जानकारियां व सुझाव सरकार तक पहुंचा चुके हैं। सरकार द्वारा उन्हें आश्वस्त भी किया गया है कि सभी सुझावों पर गौर किया जाएगा।
ईश्वर सिंह, गुहला से जजपा विधायक
नपा सचिव सुशील भुक्कल ने कहा कि पहले भी कई बार बोली स्थगित होती रही है, बेशक इसके कारण अलग रहे हों। उन्होंने कहा कि किसानों ने बोली क्यों नहीं दी, इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दी जाएगी। उम्मीद है कि सारी जमीन बोली पर चढ़ जाएगी।