सेवा संघ संस्था द्वारा आयोजित 10वें गरीब कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में 12 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। कुरुक्षेत्र की श्री शिव शक्ति वात्सल्य वाटिका के संरक्षक एवं संचालक स्वामी हरिओम दास नव दंपत्तियों को आशीर्वाद दिया तथा उनके सुखद गृहस्थ जीवन की कामना की। आशीर्वाद देने वालों में कार्यक्रम के अध्यक्ष सेवापंथी आश्रम के महंत हरीश जी शास्त्री, श्रीबाई सार शरणानंद, संत आशीष शास्त्री, बाबा रजनीश शाह व हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी के पूर्व निदेशक डा. सी.आर. मुदगिल शामिल रहे।
स्वामी हरिओम दास ने अपने आशीर्वचनों में नवदंपत्तियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आज भौतिकवाद के युग में समय निकालकर समय और साधन के साथ इच्छा शक्ति से किसी के काम आना व परोपकार की भावना से समाज की सेवा करना पुण्य का कार्य है। सेवा भावना को मजबूत करने के लिए हर गांव में सेवा संघ जैसी संस्थाएं खड़ी करके लोगों में समाज सेवा की भावना का विकास करना आज समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज व्यक्ति अपने कार्यों में इतना व्यस्त है कि उसे दूसरों के लिए सेवा करने का समय नहीं है, लेकिन देव भूमि कैथल के कण-कण में भगवान विद्यमान है तथा लोगों में सेवा की भावना व आस्था इतनी मजबूत है कि समाज सेवा के लिए सेवा संघ व पंजाबी सेवा सदन जैसी कई संस्थाएं निरंतर प्रयासरत हैं।
महंत आशीष शास्त्री ने अध्यात्मिक विचारधारा को अपनाने का सुझाव दिया। डा. सीआर मुदगिल ने अपने आशीर्वाद में नवविवाहित जोड़ों के उज्ज्वल गृहस्थ जीवन के लिए प्रभु से प्रार्थना की और सेवा संघ द्वारा किए जा रहे सेवा प्रकल्प को पीड़ित मानवता की सच्ची सेवा बताया। सेवा संघ संस्था के संस्थापक एवं महासचिव शिव शंकर पाहवा ने 12 वैवाहिक बंधन में बंधे जोड़ों को खुशी प्रदान करने की कामना की। संस्था के प्रधान सुभाष मित्तल ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए सेवा संघ संस्था द्वारा पिछले लगभग 36 वर्षों से किए जा रहे विभिन्न सेवा प्रकल्पों जिनमें विवाह समारोह, रक्तदान शिविर, नेत्रदान शिविर, नेत्र चिकित्सा शिविर इत्यादि शामिल हैं, का विस्तार से जिक्र किया। इस विवाह समारोह में जिन महानुभावों ने एक-एक कन्यादान करने का पुण्य प्राप्त करने के लिए धनराशि प्रदान की उनमें श्री 9 गजा पीर हरिपुरा के माध्यम से टेकचंद बहल, दीवाल ग्रामोउद्योग कुरुक्षेत्र के चेयरमैन मेला राम तथा कैथल के समाजसेवी जगदीश अरोड़ा शामिल रहे।
अतिथियों द्वारा नवदंपत्तियों को वरमाला के वक्त समिति की तरफ से भेंट प्रदान करते हुए आशीर्वाद दिया गया। मंच का संचालन सेवा संघ संस्था के पीआरओ महेंद्र खन्ना ने किया। इस अवसर पर पंजाबी सेवा सदन के प्रधान प्रदर्शन पुरुथी, पंजाबी वेलफेयर के प्रधान इंद्रजीत सरदाना, ईगल्स क्लब के प्रधान संदीप मलिक, सेवा संघ के उप-प्रधान जरनैल सिंह सहित पदाधिकारियों व सदस्यों में सुभाष कथूरिया, अरविंद चावला, महेंद्र खन्ना, अशोक भारती, नवीन मल्होत्रा, चंद्र मलिक, मदन खुराना, डी.डी. सिंगला, भटनागर, नरेश कालड़ा, सतीश सोनी, यशपाल मलहोत्रा, आई.डी. अरोड़ा, नरेश भारती, भूपेंद्र मेंहदीरत्ता, बी.बी. सतीजा, तिलक गिरधर, हरीश टागरा, इत्यादि शामिल रहे।
इनका हुआ विवाह
12 में से 9 जोड़ें सनातन विधि से मंगल फेरों के साथ विवाह सूत्र में बंधे तथा 3 जोड़े जिनके परिवारों की आस्था श्री गुरुग्रंथ साहब में थी इन जोड़ों का श्री नीमसाहब गुरुद्वारा में आनंद कारज करवाया गया। इस समारोह में रूमन ने चांद के साथ, पूजा सूबे सिंह के साथ, राधा देवी संग रामनिवास, गुरमीत संग अमित, सोनिया संग जोधा राम, मीना संग बिंटू सिंह, मीना रानी संग दीपक कुमार, मनजीत संग रविंद्र, मनप्रीत संग गुरजीत, सरबजीत कौर संग बिटटू, गुरमीत कौर संग बूटा राम तथा रीना देवी के साथ दीपक ने फेरे लेकर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया।