संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ग्रुप डी संघर्ष विकास समिति की एक राज्य स्तरीय बैठक शहर के निजी होटल में हुई। इसमें समिति के सदस्यों ने मांगें पूरी न होने पर सरकार के खिलाफ आक्रोश मार्च निकालने का फैसला लिया। इस बैठक में राज्य प्रधान दीपक तंवर ने बताया कि सरकार ने जनवरी 2019 में 18 हजार 218 ग्रुप डी कर्मचारियों की भर्ती की थी। इन कर्मचारियों को विभिन्न विभागों में ड्यूटी करते हुए साढ़े पांच साल से अधिक हो गए हैं। साल दर साल कर्मचारियों ने पदोन्नति की उम्मीद में ग्रुप डी संघर्ष विकास समिति यूनियन बनाई है, जो कर्मचारियों की आवाज उठा रही है। यूनियन ने ग्रुप डी के पदोन्नति के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित मंत्री और विधायकों को भी ज्ञापन दिए। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई है। बैठक में फैसला लिया गया कि सरकार के विरोध में 21 जुलाई को मुख्यमंत्री से पदोन्नति के लिए मुलाकात करवाने के लिए पंचकूला में आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। यदि कुछ गलत होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
इस मौके पर विकास यादव सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।