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डेढ़ साल बाद हुई कष्ट निवारण समिति की बैठक

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करीब डेढ़ साल बाद जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित ईवीएम वेयरहाउस में हुई। इसकी अध्यक्षता विद्युत निगम के एसीएस पीकेदास ने की। बैठक में किसानों के विरोध की आशंका को देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। वहीं परिवहन मंत्री का कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया था। बैठक में कुल 14 मुद्दे रखे गए, जिसमें तीन को छोड़कर शेष सभी मुद्दों का निपटारा कर दिया गया। मुख्य रूप से निजी स्कूलों को आदेश दिए गए हैं कि वे उन विद्यार्थियों की भी पांच अगस्त तक कक्षाएं लगवाएंगे, जिनकी पिछले साल की फीस लंबित है।
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सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक में सबसे पहले एक महिला ने पुलिस कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि उसकी परचून की दुकान पर एक पुलिस कर्मचारी ने सादे कपड़ों में आकर उसके साथ दुर्व्यवहार किया। इस पर एसपी लोकेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस को शिकायत मिली थी कि महिला के पति ने अवैध खुर्दा चलाया हुआ है। इसी सूचना पर कर्मचारी वहां गया था। अपने पति के बचाव में महिला द्वारा दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है।
इसके बाद पाई के सर्वमंगल कामना ट्रस्ट के नरेश कुमार ने शिकायत दी कि राजौंद पूंडरी रोड पर सड़क पर पुल छोटा है, जिस कारण हादसे होते हैं। इस पर विभाग के अभियंता ने बताया कि इस पुल को दस मीटर चौड़ा कर दिया जाएगा। इसके बाद कलायत निवासी राजकुमार ने दी शिकायत में कहा कि वार्ड-12 में पानी की निकासी नहीं हो रही। अधिकारियों ने बताया कि पानी की निकासी करवा दी गई है। इसके बाद सेगा निवासी गुरदेव ने कहा कि उसने बिजली कनेकशन के लिए आवेदन किया था। विभाग ने कनेक्शन भी जारी कर दिया, लेकिन फीस के अलावा लाइनमैन ने 35 हजार रुपये ले लिए। इस पर पीकेदास ने उसके 35000 रुपये वापस करने के आदेश जारी किए। पिलनी निवासी राजकुमार ने शिकायत दी थी कि सौ गज के प्लाट में बिजली का टावर लगा हुआ है। इस पर अधिकारियों ने कहा कि इस टावर से बड़े क्षेत्र को बिजली आपूर्ति होती है। इसे हटाना संभव नहीं है। एसीएस ने शिकायतकर्ता के समाधान का निर्देश दिया।
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बैठक में एसडीएम कलायत की शिकायत थी कि जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा सीवरेज के पानी को एसटीपी से जोड़ा जाए। इसके जवाब में जनस्वास्थ्य विभाग ने जवाब दिया कि इस समस्या का समाधान कर दिया गया है। गांव जसवंती निवासी बलिंद्र ने कहा कि उसकी धान की पेमेंट का भुगतान नहीं हो रहा है। मंडी टाउनशिप पूंडरी निवासी रामेश्वरदास ने शिकायत दी थी कि उसने पूंडरी में मंडी टाउनशिप में प्लाट खरीदा था। उनकी न तो नगर पालिका अधिकारी सुनते हैं और न ही हुडा के अधिकारी। इसके बाद हरिपुरा निवासी सुखदेव ने शिकायत दी कि एक प्राइवेट अस्पताल में उसने आयुष्मान योजना के तहत मां का इलाज करवाना था, लेकिन उससे दुर्व्यवहार किया गया। एसीएस ने इन समस्याओं के समाधान के निर्देश जारी किए। बैठक में डीसी प्रदीप दहिया, एसपी लोकेंद्र सिंह, एडीसी सतबीर कुंडू, एसडीएम संजय कुमार, आरटीए सत्यवान मान, विरेंद्र ढुल, सीटीएम अमित कुमार, सीएमओ डा. शैलेंद्र ममगाईं, सीईओ जिप कुलधीर सिंह सहित कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
बैठक में गूंजा स्कूल की ओर से नाजायज फीस वसूली का मुद्दा
डीएवी स्कूल द्वारा कोविड काल में भी वसूली जा रही नाजायज फीस की मोनू बतरा व अन्य की शिकायत पर करीब आधे घंटे तक सुनवाई हुई। एसीएस ने स्कूल की ओर से आए प्रतिनिधि अधिवक्ता को निर्देश दिए कि पांच अगस्त तक कक्षाएं लगवाई जाएं। चाहे अभिभावकों ने पिछली फीस दी है या नहीं। वहीं स्कूल प्रतिनिधि इस बात पर अड़े रहे कि बिना फीस के कैसे पढ़ाया जाए। दूसरा इन लोगों ने वर्ष 2021-22 के लिए भी फीस नहीं दी है। डीईओ अनिल शर्मा ने कहा कि स्कूल मैनेजेमंट ने यह तो बता दिया कि फीस जायज ली जा रही है। कुछ फंडों पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। अभिभावक अधिक फीस वसूली की बात करते रहे। इस मसले पर एसीएस व स्कूल प्रतिनिधि के बीच तल्ख बातचीत भी हुई। अंत में एसीएस ने पांच अगस्त तक पिछली फीस न देने वाले अभिभावकों के बच्चों को भी कक्षाएं लगवाए जाने के निर्देश जारी किए।
तालाब से कब्जा हटवाने और राशन न देने की भी सुनवाई
संगरौली निवासी सतपाल ने तालाब पर कब्जा करने की शिकायत दी। इस पर एसीएस ने डीडीपीओ को निर्देश दिए कि पूरे मामले में अवैध कब्जा रुकवाया जाए। इसके बाद शादीपुर निवासी नरेंद्र कौर ने डिपो पर राशन न देने के आरोप लगाए। इस पर बताया गया कि डिपो धारक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
चीका निवासी महिला जसदीप कौर ने कहा कि उसके प्लाट पर 1.47 लाख रुपये की राशि हुडा की ओर से बकाया बताई जा रही है। जबकि उसके पास एनओसी है। इस पर एसीएस ने कहा कि इस मसले का समाधान किया जाए।
नालों की तुरंत की जाए सफाई
एसीएस पीके दास ने अधिकारियों को बारिश से पहले नालों की सफाई कराने और कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए आवश्यक तैयारी करने के भी निर्देश दिए। गर्मियों में लोगों को डिपो के माध्यम से बाजरा दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी।
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