संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। चौशाला के सरकारी स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायत ने नई पहल की है। स्कूल के अध्यापकों व बीआरसी की मांग पर संज्ञान लेते हुए ग्राम पंचायत ने बच्चों को स्कूल ले जाने व लाने के लिए ई-रिक्शा भेंट की है। शिक्षा विभाग में कार्यरत गीता ने बताया की सरकारी स्कूलों में अध्यापकों का शिक्षा व शैक्षणिक स्तर बहुत अच्छा होता है।
नौकरी से पूर्व उन्हें अनेक टेस्ट पास करने होते हैं उसके बावजूद परिजन सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करवाने से परहेज करते हैं। इस विषय को लेकर उन्होंने कई बार स्कूलोंं के स्टाफ व मुखिया से चर्चा की कैसे सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या को बढ़ाया जाए। उन्होंने अपने बच्चों का दाखिला चौशाला के सरकारी स्कूल में करवाया। इसके बाद स्कूल स्टाफ ने अभिभावकों से सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास जताने के लिए संपर्क अभियान शुरू किए।
स्कूल अध्यापक मुकेश धानिया ने बताया कि सरकारी स्कूलों में दी जा रही शिक्षा को सिद्ध करने के लिए चौशाला गांव के प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों का मुकाबला निजी स्कूलों में शिक्षा ले रहे आठवीं के छात्रों से करवाया। उनके प्राथमिक स्कूल के बच्चों के ज्ञान व प्रतिभा को देखकर गांव के लोग दंग रह गए। मुकेश ने बताया की सरकारी स्कूल गांव से थोड़ा दूर पड़ता है और निजी स्कूलों की बस बच्चों को उनके घर के द्वार से ही लेकर जाती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए स्कूल के अध्यापकों व एसएमसी की टीम ने ग्राम पंचायत से वाहन उपलब्ध करवाए जाने की मांग की। ताकी बच्चों को स्कूल लेकर आने व जाने में दिक्कत न हो।
पंच रूबी देवी, पंच अमित कालिया, पंच सतपाल शर्मा, अजमेर भाल व सरपंच प्रतिनिधि दिलबाग सिंह ने बताया की स्कूल की मांग को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत की ओर से स्कूल में ई-रिक्शा भेंट की गई। मुकेश कुमार ने बताया की पहले स्कूल में प्राइमरी के बच्चों की संख्या 102 थी जो सबके साझे प्रयासों से बढ़कर 126 हो गई है। चूंकि अब दाखिले बंद हो चुके हैं इसलिए अगले सत्र में स्कूल प्रबंधन का इस बात पर पूरा फोकस रहेगा कि सरकारी स्कूल में बच्चों की संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी हो।
भाड़ावास गेट मार्ग पर पास जमा बारिश का पानी। संवाद