कलायत। स्वास्थ्य विभाग और कलायत पुलिस ने छापा मार कर डाकघर के पास के एक घर से नशे व सरकारी सप्लाई की दवाओं का बड़ा जखीरा बरामद किया।
गांव मटौर निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि रिटायर्ड हेल्थ इंस्पेक्टर नशीनी दवाओं का धंधा करता है, जिस पर यह कार्रवाई की गई।
मामले के अनुसार मटौर निवासी राजकुमार ने विभाग को शिकायत दी थी कि कलायत निवासी जगदीश नशीली दवाओं का धंधा करता है। इसी सूचना पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आरोपी को घेरने के लिए डीआई के नेतृत्व में टीम बनाई। इसके बाद कलायत के जगदीश के घर में स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल आधा दर्जन चिकित्सकों व कर्मचारियों ने डीआई राकेश छौक्कर के नेतृत्व में छापा मारा, जिसमें काफी दवाएं बरामद हुईं। डीआई राकेश ने बताया कि शिकायत मिली थी कि स्वास्थ्य विभाग का एक रिटायर कर्मचारी प्रेक्टिस की आड़ में नशे की दवाओं का धंधा कर रहा है। जिस पर की गई कार्रवाई में दवाएं बरामद हुई हैं।
जो दवाएं उसके घर से बरामद हुई हैं उनमें नशे की दवाओं के साथ साथ सरकारी सप्लाई की दवाएं भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विभागीय टीम ने पकड़ी गई दवाओं को सूचीबद्ध कर लिया है। जगदीश के खिलाफ सरकारी दवाओं की रिकवरी, अवैध प्रेक्टिस तथा नशे की दवाओं की बिक्री का मामला दर्ज करवाया जाएगा तथा बाकी पुलिस की जांच में मामले का खुलासा होगा।
बेटे की लत ने किया शिकायत को मजबूर
शिकायतकर्ता मटौर निवासी पूर्व सैनिक राजकुमार ने बताया कि उसका पुत्र विश्वजीत पिछले काफी समय से नशीली दवाओं का आदी होकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर चुका है। उन्होंने बताया कि उसके पुत्र ने खुलासा किया कि वह कलायत में अवैध रूप से प्रेक्टिस कर रहे जगदीश से अब तक लाखों रुपये की नशे की दवाएं ले चुका है। उन्होंने कहा कि वे मामले का पर्दाफाश करने के लिए लगातार जगदीश के संपर्क में थे तथा गत दिवस जगदीश ने फोन पर उनके बेटे को बताया कि दवाओं की नई खेप आ चुकी है तथा आकर ले जाओ।
उसने इस मामले की सूचना विभाग को दी। राजकुमार का कहना था कि उसके बेटे की जिंदगी तो खराब हो चुकी है अब आगे और किसी के बच्चे का भविष्य बर्बाद न हो इस लिए उन्होंने नशे के व्यापारी को पकड़वाया है।
असंध अस्पताल की हैं दवाएं : अधिकारी
चिकित्सा अधिकारी डा. बलविंद्र गर्ग ने बताया कि पूछताछ के दौरान सामने आया है कि जो सरकारी दवाएं जगदीश के घर से बरामद हुई है, वे असंध से आई हैं। उन्होंने कहा कि कलायत अस्पताल की दवाओं का स्टॉक पूरा है तथा कलायत से कोई दवा जगदीश को नहीं दी गई है।
प्रेक्टिस के लिए मंगवाई हैं दवाएं : जगदीश
स्वास्थ्य विभाग से रिटायर हेल्थ इंस्पेक्टर जगदीश का कहना था कि वह रिटायरमेंट के बाद भी अपने घर में प्रेक्टिस करता है। उसका कहना है कि ये दवाएं वह अपनी प्रेक्टिस के लिए मंगवाता है तथा इन में कोई भी दवा नशे की नहीं है।