गुहला चीका। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के पदाधिकारियों ने सोमवार को किसानों की पराली प्रबंधन की मांगों को लेकर कृषि एवं कल्याण विभाग, चीका की एसडीओ कंचन शर्मा के माध्यम से डीसी के नाम ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने कहा कि यदि पराली प्रबंधन की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन की चेतावनी देंगे। भाकियू चढूनी के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेड़ा, जिला उपाध्यक्ष केवल सदरहेड़ी, हरजिंदर नंबरदार, संदीप संधू और लखविंद्र ने कहा कि किसानों को मजबूरी में पराली जलानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसानों को मशीनें उपलब्ध कराए, तो कोई भी किसान पराली नहीं जलाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर साल मशीनें उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन धरातल पर कदम नहीं उठता। सिंह ने कहा कि सरकार प्रदूषण के लिए किसानों को दोषी ठहराती है, जबकि पराली के जलाने से केवल 8% प्रदूषण होता है। इसके विपरीत, फैक्ट्रियों, मिलों और अन्य स्रोतों से 92% प्रदूषण उत्पन्न होता है। संवाद