संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। भारतीय किसान मजदूर यूनियन ने नीमवाला गांव में किसानों की बैठक आयोजित की। बैठक में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष महाबीर चहल ने कहा कि मंडियों में धान तो आ रही है, लेकिन किसानों को उसका उचित मूल्य नहीं मिल रहा।
उन्होंने बताया कि गेट कैथल मंडी में 1509 किस्म की धान केवल 2,700 से 2,800 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। चहल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द खरीद शुरू नहीं करती, तो 22 सितंबर को सरदार गुरनाम सिंह चढृनी के नेतृत्व में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी का घेराव किया जाएगा।
इस दौरान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र मांगों माजरी ने कहा कि बाढ़ की मार के बाद किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य भी नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें दोहरी चोट लगी है। उन्होंने कहा कि मौसम साफ होने के बाद मंडियों में धान की आवक बढ़ रही है। पीआर धान की अगेती किस्म भी मंडियों में आने लगी है। नरेंद्र ने आरोप लगाया कि प्रशासन का ध्यान किसानों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेचवाने के बजाय पराली जलाने के मामले में किसानों पर मुकदमे और जुर्माना लगाने पर केंद्रित है, जो पूरी तरह गलत है। उनका कहना था कि प्रशासन को मंडियों का निरीक्षण करना चाहिए।