कैथल। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने पुलिस प्रशासन की ओर से अंबाला व जींद में प्लास्टिक गोलियां व आंसू गैस के गोले बरसाने पर निंदा जताई है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक की गोलियां, आंसू गैस बरसाने पर सरकार को माफी मांगनी चाहिे।
उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार की वादाखिलाफी का खामियाजा देश के किसान को भुगतना पड़ रहा है। कहा कि दो साल पहले सात सौ किसानों की शहीदी के बाद किसान सरकार के झूठे आश्वासन पर अपने घरों को लौट गए थे। किसानों ने दो साल तक इंतजार किया, लेकिन सरकार ने समझा कि किसान कौम कमजोर है। एक बार वापस लौटने के बाद फिर एकजुट नहीं होगी। अब किसान हकों के लिए हरियाणा की सीमाओं पर डटे हैं।
उन्होंने कहा कि सभी को धरने-प्रदर्शन करने का अधिकार संविधान में प्राप्त है। सरकार को अधिकार नहीं है कि वह किसानों को रोके। देश की सीमाओं पर देश की रक्षा करने वाले सुरक्षा बलों को हरियाणा-पंजाब की सीमाओं पर तैनात कर दिया है। किसान जैसे डटे हैं, स्पष्ट है कि अब वह सरकार को झुकाकर रहेंगे। हरियाणा का किसान भी समर्थन के लिए पहुंच रहा है। संवाद