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Kaithal News: अवकाश के कारण शुरू नहीं हो पाई सरसों की सरकारी खरीद

Mon, 30 Mar 2026 02:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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शहर की मंडी में कट्टों में रखी सरसों की फसल। संवाद - फोटो : samvad
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कैथल। सरकार द्वारा रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू करने की घोषणा के बावजूद, जिले की मंडियों में रविवार की छुट्टी के चलते सरकारी खरीद प्रक्रिया गति नहीं पकड़ सकी। रविवार को बारिश भी हुई लेकिन फसल भीगने से बच गई क्योंकि निजी खरीदार कट्टों में भरकर सुरक्षित स्थान पर रखवा रहे हैं। कलायत, पूंडरी, ढांड और कैथल की अतिरिक्त मंडियों में खरीद केंद्र तो स्थापित कर दिए गए हैं, लेकिन अवकाश के कारण सरकारी एजेंसियों के कर्मचारी नहीं पहुंचे। सरकार ने इस वर्ष सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। हालांकि, बाजार की स्थिति सरकारी रेट के विपरीत है। कैथल और आसपास की मंडियों में सरसों की भारी मांग के कारण निजी खरीदार और तेल मिल संचालक किसानों को 6,500 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव दे रहे हैं। यह भाव सरकारी एमएसपी से 300 रुपये तक अधिक है, जिसके कारण अधिकतर किसान सरकारी केंद्रों के बजाय निजी आढ़तियों को फसल बेचना पसंद कर रहे हैं।
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इस बार सरकार ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए ''''मेरी फसल-मेरा ब्यौरा'''' पोर्टल पर पंजीकरण और मंडी के गेट पर बायोमेट्रिक सत्यापन व ट्रैक्टर-ट्रॉली की फोटो अनिवार्य कर दी है। किसानों और आढ़तियों का कहना है कि इन नए नियमों और पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण सरकारी खरीद में देरी हो रही है। वहीं, कई मंडियों में अभी तक सफाई, पानी और लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव देखा जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि सोमवार से सभी केंद्रों पर खरीद सुचारू रूप से शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, हैफेड एजेंसियां 6,200 रुपये के भाव पर सरसों खरीदने के लिए तैयार हैं। हैफेड डीएम अनूप ने बताया कि सरकारी छुट्टी होने के कारण खरीद नहीं हो पाई। कार्य दिवस पर खरीद सुचारु की जाएगी।
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