कैथल। अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस नौ दिसंबर को है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य भ्रष्टाचार को कम करना है। इसी कड़ी में एंटी करप्शन ब्यूरो कैथल की टीम ने इस साल अब तक भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है। इस साल जिले में 30 नवंबर तक पांच मामले सामने आए हैं। इसमें एंटी करप्शन ब्यूरो कैथल की टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए एक लाख 55 हजार रुपये की राशि भी वसूल की है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार करने वाले एक ग्राम सचिव, पैक्स इंस्पेक्टर, पुलिस कर्मी और दो लिपिकों को इस साल गिरफ्तार किया है। एंटी करप्शन ब्यूरो प्रभारी इंस्पेक्टर सूबे सिंह का कहना है उनकी टीम की तरफ से भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई जारी है। जिले में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जाएगी।
इस साल 30 नवंबर तक ये हुई कार्रवाई
तिथि आरोपी रिश्वत ली
नौ फरवरी ग्राम सचिव सुनील 15 हजार रुपये
28 मार्च एसआई सुभाष 10 हजार रुपये
30 जून लिपिक प्रतीक 10 हजार रुपये
14 सितंबर लिपिक रमेश 20 हजार रुपये
30 नवंबर पैक्स इंस्पेक्टर रोशन लाल एक लाख रुपये
वर्जन-
एंटी करप्शन ब्यूरो प्रभारी इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने कहा कि हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर के दिशा निर्देशों पर भ्रष्टाचारियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत यदि उन्हें कोई सूचना या शिकायत मिलती है तो उस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए छापा मारा जाता है। इस वर्ष 30 नवंबर को टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पैक्स इंस्पेक्टर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया गया था।
....और कोई ईमानदार
परिचालक ने पेश कर लौटाए 30 हजार रुपये
कैथल। नए बस अड्डा पर परिचालक ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए अड्डा परिसर में गिरे 30 हजार रुपये यात्री को वापस लौटाए हैं।
राजस्थान रोडवेज के परिचालक ओमप्रकाश ने बताया कि यात्री जयपाल शर्मा जब पिहोवा से कैथल आया था, उस यात्री के तीस हजार रुपये कैथल बस स्टैंड पर गिर गए थे। यह रुपये उसे मिले थे। इसके बाद बस स्टैंड पर प्रभारी निरंजन सिंह एवं प्रवीण क्योडक की की मौजूदगी में जयपाल शर्मा को लौटा दिए। परिचालक के इस कार्य की पूरे डिपो के स्टाफ के बीच सराहना हो रही है। संवाद