संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/कलायत। प्रदेश में नशे पर नकेल कसने के लिए नारकोटिक्स विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। नशे को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए अब सभी सरकारी विभाग मिलकर काम करेंगे। इसके तहत प्रदेश भर में रेलवे लाइन, नहर, ड्रेन, खाली जमीन व प्लॉट में खड़े भांग के पौधों को उखाड़ा जाएगा।
इसी कड़ी में बीते दो दिन भी ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास से भांग के पौधे उखाड़े गए। नारकोटिक्स विभाग की पहल पर प्रदेश में कहीं भी भांग के पौधे मिलने पर उन्हें जड़ से उखाड़कर नष्ट किया जाएगा। इस काम में सभी सरकारी महकमे भी अपना योगदान देंगे। इन उखाड़े गए पौधों को जलाया जाएगा। इस प्रक्रिया के फोटो लेने के साथ ब्योरा भी दर्ज किया जाएगा।
इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं स्टेट नारकोटिक्स ब्यूरो पंचकूला की ओर से सभी जिला आयुक्त, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, निगम आयुक्त, एचएसवीपी संपदा अधिकारी, जिला बागवानी अधिकारी, कृषि उपनिदेशक, वन विभाग, सिंचाई विभाग, एचएसएनसीबी के डीएसपी को पत्र भेजा गया है। इसमें भांग के पौधे उखाड़ने व नष्ट करने के संबंध में जरूरी निर्देश भी दिए गए हैं। इसके तहत सभी विभाग अपने अधीन क्षेत्र की जानकारी के साथ उखाड़े जाने वाले पौधों का ब्योरा 31 मई तक शपथ पत्र के साथ देंगे।
सोमवार व मंगलवार को सिंचाई विभाग के उपमंडल अभियंता विकास गिर, कनिष्ठ अभियंता प्रविन्दर जांगड़ा, पुलिस स्टेशन तितरम से एसएचओ सुनीता ढाका, सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र की अगुवाई में ड्योढ़ खेड़ी, नरड़, शेरगढ़, करनाल रोड, कठवाड, व विभिन्न जगहों जैसे नहर, ड्रेन, विभिन्न एरिया से भांग के पौधे उखाड़े गए व इन्हें नष्ट किया गया।
दरअसल, नारकोटिक्स विभाग की टीम ने नशे पर नकेल कसने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। अदालत ने भांग के पौधे उखाड़ने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत नारकोटिक्स विभाग प्रदेश के सभी सरकारी विभागों के साथ मिलकर इस कार्य को अंजाम देगा। एडीजीपी ओपी सिंह की देखरेख में विभाग प्रदेश में यह अभियान चला रहा है। नशे पर अंकुश लगाने को दिशा में विभाग कई स्तर पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में भांग के पौधे उखाड़े जाने हैं।