सरकारी विभाग ही सरकार को टैक्स जमा नहीं करवाने के कारण नगर परिषद को टैक्स वसूली के लिए नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। सरकार द्वारा दी गई स्वयं टैक्स आंकलन के बाद टैक्स जमा करवाने की अवधि समाप्त होने के बावजूद भी कई सरकारी विभागों ने टैक्स जमा नहीं करवाया है। इसलिए लाखों रुपये के टैक्स अदायगी को लेकर परिषद ने इन विभागों को नोटिस जारी किए हैं।
नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार कई सरकारी विभागों ने सालों से टैक्स जमा नहीं करवाया है। जिसमें प्रॉपर्टी टैक्स के अलावा फायर टैक्स भी शामिल है। टैक्स ने देने वाले विभागों में जनस्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, वन विभाग, पुलिस अधिकारियों के आवास, पीडब्ल्यूडी, लघु सचिवालय सहित अन्य विभाग शामिल हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग को देना है आठ लाख से ज्यादा टैक्स
परिषद के अनुसार जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय की ओर 8 लाख 4 हजार 474 रुपये का टैक्स बकाया है। इसमें 8 लाख 14 हजार 456 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स एवं 80 हजार 18 रुपये फायर टैक्स की राशि शामिल है। जो कई सालों से जमा नहीं करवाई गई है। इसी प्रकार से सिंचाई विभाग की ओर 4 लाख 85 हजार 509 रुपये में 51 हजार 456 रुपये फायर टैक्स भी शामिल है। वहीं वन विभाग की ओर कुल 50 हजार 626, पुलिस उपाधीक्षक आवास, करनाल रोड कैथल की ओर 24 हजार 393, वहीं लघु सचिवालय भवन के लिए भी 1 लाख 21 हजार रुपये की राशि बकाया है। जबकि जेल परिसर के लिए भी 62 हजार 409 रुपये की राशि जमा करवाई जानी है।
नगर परिषद ने जारी किए टैक्स जमा करवाने के नोटिस
नगर परिषद ने उक्त सभी विभागों को टैक्स अदायगी के लिए 7 दिन में टैक्स जमा करवाने का नोटिस जारी किया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा सैल्फ असैसमेंट कर टैक्स जमा करवाने के लिए 31 मार्च 2014 की तिथि निर्धारित की थी। लेकिन इस अवधि तक भी इन विभागों ने राशि जमा नहीं करवाई। जिस कारण परिषद ने अब 7 दिनों के अंदर परिषद को बकाया लाखों रूपये की राशि जमा करवाने के लिए कहा गया है। यदि इसके बावजूद भी टैक्स अदायगी नहीं हुई तो परिषद न्यायालय की शरण ले सकती है।