कैथल। मुख्यमंत्री के गोद लिए क्योड़क गांव में बुधवार को अधिक बिल आने से गुस्साई महिलाओं ने हिसार-चंडीगढ़ हाईवे पर जाम लगा दिया। इस कारण हाईवे पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नाराज महिलाओं ने बिजली निगम के अधिकारियों पर अनदेखी करने का आरोप लगाया। महिलाओं का कहना था कि वे उनकी बिजली के बिलों से संबंधित समस्याओं को लेकर कई बार शिकायत दी, लेकिन उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ।
जाम की सूचना मिलते ही क्योड़क चौकी प्रभारी अमित कुमार और बिजली निगम के एसडीओ नितिन मौके पर पहुंचे। इसके बाद गांव की महिलाओं ने निगम के एसडीओ से बिजली बिलों की जांच करवाने का आश्वासन मिलने के बाद करीब आधे घंटे बाद जाम खोला।
इसके बाद ही वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। महिलाओं का कहना था कि गांव को वैसे तो मुख्यमंत्री ने गोद लिया है, लेकिन यहां पर सुविधाएं शून्य है। वहीं, उनका गांव वैसे तो जगमग योजना शामिल है, लेकिन यहां पर पूरा दिन बिजली गुल रहती है।
दूसरी ओर ग्रामीण जसबीर ने कहा कि गांव में बिजली बिलों की समस्याओं को लेकर ग्रामीण पहले भी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन बावजूद इसके इस समस्या को कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। जिन लोगों को घरों में महज दो से तीन पंखें चलते हैं। वहां पर भी कई हजारों रुपये के बिजली बिल आ जाते हैं। ग्रामीण महिला सुमन, सुनीता, रीना, सीमा व अन्य ने कहा कि अधिक बिजली आने पर वह निगम के अधिकारियों के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे। अधिकारियों की तरफ से उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इस कारण ही उन्हें जाम लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
क्योड़क गांव में जाम लगाने की सूचना के बाद मौके पर पहुंचा था। ग्रामीण व महिलाओं को समझाया कि उनके बिजली बिलों की जांच होगी। यदि रीडिंग की समस्या हुई तो उसे दूर करवाया जाएगा। नितिन कुमार, एसडीओ, बिजली निगम