कैथल। एक तरफ जिलावासी सड़कों पर गोवंश से परेशान हैं। दूसरा गोशालाओं में बना चारे का संकट यहां रखे गए पशुओं को संभालने में जुटी समितियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। मंगलवार को गोरक्षा दल, जिले भर की गोशाला समिति संचालकों और गो सेवकों ने एकत्रित होकर हनुमान वाटिका से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया। बाद में डीसी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन देकर गोशालाओं में चारे के लिए फंड की मांग की। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी सदस्यों को गेट पर ही रोक लिया। जहां पुलिस और समिति सदस्यों के बीच तीखी बहस भी हुई।
इसके तहत गो सेवक सुबह के समय हनुमान वाटिका में एकत्रित हुए। इसके बाद वहां से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचे। जहां गोसेवकों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम की अध्यक्षता गो रक्षा दल कैथल के जिला महामंत्री कबीर व जिला संरक्षक दीपक बूरा ने की। दीपक बूरा, राजू डोहर व अन्य गोसेवकों ने कहा कि पिछले लंबे समय से गोवंश की हालत काफी खराब हो रही है। सड़कों पर घायल गोवंश को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। गोशाला और नंदीशाला में रह रहे गोवंश की तरफ भी सरकार की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गोभक्त सरकार से मांग करते हैं कि एक गोवंश को 50 रुपये प्रति गाय प्रतिदिन का खर्च दिया जाए।
यह मांग पूरी होने के बाद सड़कों पर बेसहारा गोवंशों की समस्या भी कम होगी। इसके साथ ही गोशाला संचालक भी सभी गोवंशों का खर्च उठाने में सक्षम हो पाएंगे। जिला महामंत्री कबीर ने कहा कि गोशालाओं को प्रति गोवंश अनुदान राशि बढ़ने के बाद गोवंश की देखभाल सही तरीके से हो सकेगी। शहर में चारों तरफ सड़कों पर घूम रहे गोवंशों के रहने की उचित व्यवस्था हो। अधिकतर गांवों में गोचारण भूमि पर कब्जा किया गया है। इसलिए इस भूमि को भी मुक्त करवाने की काफी आवश्यकता है। कबीर ने बताया कि गो रक्षा दल के सदस्यों ने बीमारी व चोटिल गायों के लिए अलग से चिकित्सालय बनाया है। इसके माध्यम से इन गोवंश की सेवा की जाती है। इस मौके पर गोरक्षा दल जिलाध्यक्ष बलकार, राजू डोहर, विशाल, भूपेंद्र, संग्राम करोड़ा गोशाला के प्रधान आनंद शर्मा सहित अन्य गोवंश मौजूद थे।