राजौंद। अटल भूजल योजना के तहत सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने खंड के चार स्कूलों में आठवीं व नौवीं कक्षा में टॉप करने वाली छात्राओं को स्कूल बैग वितरित किए। इस मौके पर इन सभी छात्राओं को ‘जल सहेली’ का नाम दिया गया। यह उपाधि मिलने के बाद ये सभी बोलीं कि अब ये भूजल बचाने के काम में सहयोग करेंगी।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग कैथल के अधीक्षक अभियंता एवं योजना के नोडल अधिकारी मंगत राम गर्ग ने कहा कि विभाग के प्रमुख अभियंता एवं अटल भूजल योजना के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. सतबीर सिंह कादियान के निर्देशों पर बैगों का वितरण राजौंद व गुहला ब्लॉक में किया जाएगा। पहले दिन राजौंद ब्लॉक के चार स्कूलों की 28 छात्राओं को ये बैग बांटें। आईईसी एक्टिविटी के तहत इन बैगों का वितरण किया जा रहा है, ताकि योजना और इसके उद्देश्यों को घर-घर तक पहुंचाते हुए भूजल को बचाया जा सके।
योजना में आईईसी एक्सपर्ट विक्रम सिंह इस कार्य की जिम्मेदारी दी है। जल्द ही सभी पात्र छात्राओं को ये बैग बांट दिए जाएंगे। आईईसी एक्सपर्ट विक्रम सिंह ने बताया कि छात्राओं को न सिर्फ बैग बांटें गए, बल्कि उन्हें इस योजना के साथ जोड़ने का काम किया गया है। छात्राएं किस तरह इस प्रोजेक्ट के साथ जुड़कर भूजल बचाने में अपना योगदान दे सकती हैं।
छात्राओं को स्कूल में लगे वर्षा मापी यंत्र से बारिश के तुरंत बाद रीडिंग लेने और स्कूल विद्यार्थियों व ग्रामीणों के साथ सांझा करने के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर छात्राओं ने खुद भी अपने अपने घरों में छोटे स्तर पर बारिश के संचयन हेतु ढांचे बनाने की बात भी कही और दूसरे लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने के लिए भी हर संभव सहयोग करने की बात कही। इस कार्य में सहयोग देने के लिए कसान स्कूल के प्रिंसिपल युद्धवीर सिंह, तारागढ़ स्कूल के इंचार्ज अमरनाथ सिंह, सौंगरी एवं गुलियाना स्कूल के प्रिंसिपल रमेश कुमार देशवाल तथा सौंगरी आरोही स्कूल की प्रिंसिपल सुनीता आहुजा का भी आभार व्यक्त किया। इस मौके पर एग्रीकल्चर एक्सपर्ट विशाल भी मौजूद रहे।