संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। चंदाना गेट स्थित गैबी साहब मैदान में आयोजित महाराजा शूर सैनी जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में जिले के हाथ खाली रहे। इस कार्यक्रम में जिले के लोगों को कोई बड़ी सौगात नहीं मिल पाई। कैथल में मनाई गई राज्य स्तरीय महाराजा शूर सैनी जयंती के कार्यक्रम में सीएम ने सैनी समाज को 31 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। सीएम के इस कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजा शूरसैनी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए डबल इंजन सरकार ने हरियाणा को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने के लिए समाज के विकास के लिए निरंतर काम कर रही है। महाराजा शूर सैनी जी बहुत ही प्रतापी और धर्मात्मा राजा थे। उनके राज्य में सबको समान अधिकार प्राप्त थे। उन्हीं के नाम पर मथुरा के आस-पास का इलाका शूर सैनी प्रदेश कहलाया।
उन्होंने कहा कि सैनी समाज का इतिहास प्राचीन और गौरवशाली है। संतों व महापुरुषों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा संत-महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना के तहत संतों व महापुरुषों की जयंतियों को राज्य स्तर पर मनाया जा रहा है। आज महाराजा शूर सैनी जयंती समारोह का आयोजन भी इसी योजना के तहत किया गया है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की ओर से दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए प्रदेश सरकार हरियाणा एक-हरियाणवी एक की भावना से सभी वर्गों के कल्याण एवं उत्थान के लिए निरंतर कदम उठा रही है।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय (सेवा) मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि सैनी समाज ने कृषि, शिक्षा, चिकित्सा क्षेत्रों सहित हर क्षेत्र में अपना योगदान दिया है और हरियाणा को निरंतर आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जनता के आशीर्वाद से ही हरियाणा लगातार तीसरी बार ईमानदार सरकार बनी है, जिसमें युवाओं को बिना पर्ची-खर्ची के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा विधानसभा में कहते हैं कि ये लोकतंत्र की जीत नहीं, बल्कि ये यंत्र और तंत्र की जीत है।
फसलों के दाने-दाने की खरीद का संकल्प
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संकल्प पत्र में सभी फसलों के दाने-दाने की खरीद का संकल्प लिया था। हमने चालू खरीद सीजन में धान, बाजरा व मूंग के हर दाने की खरीद एम.एस.पी. पर की है। बारिश कम होने से किसानों के आर्थिक बोझ को कम करने के लिए खरीफ फसलों के लिए दो हजार रुपये प्रति एकड़ की दर 825 करोड़ रुपये की बोनस राशि जारी की है।