संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। चीका क्षेत्र में घग्गर नदी पर किए जा रहे बाढ़ बचाव कार्यों का नहरी विभाग के चीफ इंजीनियर जयदीप राव ने बुधवार को निरीक्षण किया। अबकी बार घग्गर तबाही न मचाए, इस पर संबंधित विभाग के अफसर सतर्क हैं।
टो वॉल के उस हिस्से को भी देखने वह पहुंचे, जो पिछले साल बाढ़ की वजह से टूट गया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बाढ़ बचाव के कार्यों में कोताही ना बरते और हर एक उस प्वाइंट को मजबूत करे जहां पर बाढ़ के पानी का दबाव ज्यादा होने का अंदेशा रहता है।
चीफ इंजीनियर जयदीप राव के जैसे ही घग्गर नदी पर पहुंचने की भनक किसानों को लगी तो वे भी मौके पर पहुंच गए और उनके समक्ष हांसी बुटाना नहर के साइफन से निकालकर बेची जा रही मिट्टी का मुद्दा उठाया। भाकियू नेता केवल सदरेहड़ी व लखविंद्र सिंह किंद्र ने चीफ इंजीनियर जयदीप राव को बताया कि पिछले दिनों हांसी बुटाना नहर के साइफन से मिट्टी निकाले का टेंडर छोड़ा गया था। किसानों ने बताया कि ठेकेदार ने इस मिट्टी को एक जगह एकत्रित करके देना था लेकिन ठेकेदार ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर लाखों रुपए की मिट्टी को खुले में बेच डाला। किसानों ने बताया कि उन्होंने बेची गई मिट्टी का मुद्दा उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा था और अधिकारियों ने इसकी जांच करवाने के लिए कमेटी का गठन किया था लेकिन जांच का क्या बना किसी को कुछ पता नहीं है। किसानों ने बताया कि टेंडर खत्म होने के बावजूद आज भी साइफन से मिट्टी निकाल उसे बेचा जा रहा है लेकिन अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। चीफ इंजीनियर जयदीप राव ने किसानों को आश्वस्त किया कि वे इस संबंध में अधिकारियों से जवाब मांगेंगे।
डीसी से ली गई है मिट्टी उठाने की परमिशन ः हांसी बुटाना नहर के साइफन से निकाली जा रही मिट्टी के संबंध में नहरी विभाग के एसडीओ अजमेर सिंह ने बताया कि गांव भाटियां के सरपंच ने जन संवाद कार्यक्रम के दौरान डीसी कैथल को पत्र सौंप साइफन से मिट्टी निकालने की इजाजत मांगी थी। एसडीओ ने बताया कि पिछले साल बाढ़ के चलते गांव भाटियां के पास कुंडी बांध टूट गया था जिससे पूरे क्षेत्र में नुकसान हुआ था।