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इस बार हर जिले में मनेगा गीता जयंती उत्सव

Sun, 29 Nov 2015 11:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
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हर साल कुरुक्षेत्र में मनाया जाने वाला गीता जयंती उत्सव इस बार सभी जिलों में मनाया जाएगा। गीता का संदेश प्रदेश के सभी 21 जिलों में दिया जाएगा जिसके लिए सरकार द्वारा सभी जिलों के लिए 10-10 लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है। कैथल जिले के लिए यह एक महत्वपूर्ण फैसला है क्योंकि महाभारतकालीन अधिकतर तीर्थ कैथल जिले में स्थित हैं।
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अब तक केवल कुरुक्षेत्र में मनाया जाता था गीता जयंती उत्सव : अब तक केवल गीता की जन्मस्थली कुरुक्षेत्र में ही गीता जयंती उत्सव मनाया जाता है जिसमें देश भर से कलाकार पहुंचकर अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं तथा देश की विविधता भरी संस्कृति के दर्शन करवाते हैं। प्रदेश भर से कला प्रेमी इस उत्सव में अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। हर साल यह उत्सव अपनी अमिट छाप छोड़ जाता है।

महाभारत युद्ध की असली युद्धस्थली कैथल थी उपेक्षित
कुरुक्षेत्र की 48 कोस की भूमि में सबसे ज्यादा इलाका कैथल जिले में आता है। यहां महाभारतकालीन 51 से अधिक तीर्थ हैं। जिनके नाम भी महाभारत के युद्ध के पात्रों एवं घटनाओं के नाम से रखे गए हैं। कई इतिहासकार तो जिले के गांव सेरहधा को महाभारत युद्ध का केंद्र बिंदु भी बताते हैं लेकिन कुरुक्षेत्र में इस संबंध में ज्यादा विकास होने के कारण कैथल उपेक्षित ही रहा है। कुछ साल को छोड़कर गीता जयंती के अवसर पर यहां कभी कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं हुआ। जिस कारण यहां के लोगों को भी गीता जयंती उत्सव देखने के लिए कुरुक्षेत्र जाना पड़ता है।
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जिलास्तर पर होंगे कार्यक्रम
सरकार के निर्णय के अनुसार इस बार सभी जिलों में गीता जयंती उत्सव के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसके लिए सभी जिलों को बजट भी बांटा गया है। इस फैसले से ज्यादा संख्या में युवाओं को इस आयोजन में भाग लेने का अवसर मिलेगा तथा गीता का संदेश ज्यादा लोगों तक पहुंच सकेगा।

सरकार के निर्देश आए हैं कि इस बार जिलास्तर पर गीता जयंती उत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए 10 लाख रुपये की राशि भी आवंटित हुई है। कार्यक्रम की तैयारियां की जाएंगी। फिलहाल प्लानिंग की जा रही है कि इस उत्सव में किस-किस कार्यक्रम को शामिल किया जाए। कैथल की ऐतिहासिक दृष्टि से यह काफी महत्वपूर्ण निर्णय है।
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डीसी, केएम पांडुरंग, कैथल।
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