शहर में डोर टू डोर एजेंसी के तीन माह का बिल पास न होने पर वीरवार को डोर टू डोर काम करने वाली एजेंसी ने कचरा उठान पर रोक लगा दी है। जिस कारण शहर में कचरे के ढेर लग गए हैं। कर्मचारी मानदेय न मिलने पर ईओ रविंद्र कुमार से मिले और समय पर और पूरा मानदेय दिलवाने की मांग की। ईओ ने डीएमसी के साथ विचार-विमर्श कर उचित फैसला लेने का आश्वासन दिया है।
शहर में डोर टू डोर एजेंसी को तीन माह का बिल पास नहीं हो रहा। एजेंसी का कहना है कि बारिश के कारण कचरे को अलग-अलग करके खत्म नहीं किया जा पा रहा था। वहीं नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि काम नियमानुसार न होने के कारण बिल रोके गए हैं। इसी के विरोध में वीरवार को एजेंसी ने डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का काम बंद कर दिया।
शहर में रेलवे गेट के बाहर, गोगा माड़ी चौक, अमरगढ़ गामड़ी, न्यू करनाल रोड, करनाल रोड, चंदाना गेट के कई हिस्सों, अंबाला रोड, ढांड रोड, माता गेट, सीवन गेट, डोगरा गेट सहित कई जगहों पर कचरे के ढेर लग गए। निवर्तमान पार्षद गोपाल सैनी, पार्षद प्रतिनिधि काका सचदेवा सहित शहर के अनेकों लोगों ने सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से कचरे के ढेर की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। लेकिन शहर से वीरवार को कचरे का उठान नहीं हुआ।
कर्मचारी नेता शिवचरण, महेंद्र बिड़लान, विक्की, जगदीश व अन्य ने कहा कि एजेंसी की ओर से उन्हें मानदेय नहीं मिल रहा है। कमेटी व एजेंसी के आपस के विवाद के बीच कर्मचारी पिस रहे हैं। कर्मचारियों की मांग है कि हर माह समय पर पूरा मानदेय कर्मचारियों को दिया जाए। ईओ ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी हर समस्या का समाधान नियमों के दायरे में रहकर किया जाएगा।
दूसरी ओर डीएमसी ने एजेंसी के बिल को लेकर चल रहे विवाद को लेकर विभाग मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा था, जिसमें विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि डीएमसी स्थानीय स्तर पर ही फैसला लें।
एजेंसी के ठेकेदार बलबीर नौच ने कहा कि सारा कार्य प्रशासन के निर्देशानुसार व टेंडर की शर्तों के अनुसार किया जा रहा है। इस समय बारिश के कारण प्लांट पर कचरे को अलग करना संभव नहीं है। इसी बात को आधार बनाकर कुछ अधिकारी जानबूझकर उनके बिल रोके हुए हैं। कर्मचारियों को अपने पास से कई माह का मानदेय दे चुके हैं। मानदेय देने के लिए उनके पास आवश्यक फंड नहीं हैं। जिस कारण वीरवार को काम बंद किया गया है। इस बारे में अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया जा चुका है।
डीएमसी समवर्तक सिंह ने कहा कि एजेंसी के काम के निरीक्षण के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। जिसकी सिफारिशों को विभाग मुख्यालय मार्गदर्शन के लिए भेजा गया था। इन सिफारिशें में काम में कई तरह की कमियां थीं। जिस पर अब स्थानीय अधिकारियों के साथ विचार विमर्श कर फैसला लिया जाएगा।