संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। चंदाना गेट पर वार्ड नंबर-23 में स्थित गैबी साहिब तीर्थ की खोदाई के दौरान प्राचीन अवशेष मिले हैं। इनमें शिवलिंग, घाट व सुरंग मिली है। दावा किया जा रहा है कि यह शिवलिंग महाभारत काल में स्थापित किए गए नवग्रह कुंडों का है, क्योंकि यह शिवलिंग वैसा है, जैसा नवग्रह कुंडों का है।
इन प्राचीन अवशेषों के मिलने की जानकारी को लेकर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की टीम ने दौरा करते हुए अवशेष को लेकर तथ्य भी जुटाए हैं। ये अवशेष कितने वर्ष पुराने हैं, इस बारे में पुरातत्व विभाग जानकारी जुटाएगा। इसके लिए विभाग की टीम जल्द ही तालाब का भी निरीक्षण करेगी।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य एवं पूर्व पार्षद गोपाल सैनी, वार्ड नंबर 29 के पार्षद राज सैनी, समाजसेवी महेंद्र सैनी उर्फ रामजी लाल, शशि सैनी, अमरजीत छाबड़ा उर्फ बिट्टू, रघुबीर सैनी, अवतार सैनी, लेहणा राम ने बताया कि गैबी साहिब मंदिर का तालाब काफी प्राचीन है। वर्षों से यहां गंदा पानी की निकासी हो रही थी और तालाब के आसपास जो जगह थी वह नशेड़ियों का अड्डा बन गई थी।
उन्होंने बताया कि करीब आठ एकड़ में फैले इस तीर्थ के जीर्णोद्धार के लिए अब निर्माण कार्य शुरू किया गया है। शहर के प्राचीन हनुमान मंदिर के महंत राघव दास शास्त्री की देखरेख में यह कार्य किया जा रहा है। इसमें सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग भी सहयोग कर रहे हैं। इस तालाब में सरोवर व पार्क बनेगा। इसके साथ-साथ भगवान शिव व हनुमान की प्रतिमा भी स्थापित होगी।