कैथल। गेहूं के सीजन को देखते हुए बिजली निगम ने एक अप्रैल से दिन में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद करने का निर्णय लिया है, ताकि गेहूं की फसल में होने वाली आग की घटनाएं को रोका जा सके।
गौरतलब है कि हर साल गेहूं की फसल में अग्निकांड की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका कारण खेतों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार बनते हैं। यदि तार आपस में टकरा जाते हैं तो उनसे निकलने वाली चिंगारी खेत में खड़ी फसल को जलाकर राख कर देती है। इसी कारण बिजली निगम ने एक अप्रैल से कटाई के सीजन में दिन में बिजली बंद करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक बिजली आपूर्ति गांवों के लिए बाधित रहेगी। साथ ही खेतों के लिए भी दिन के समय में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।
सहायक कृषि अभियंता जगदीश चंद ने बताया कि गेहूं के सीजन में मौसम गर्म हो जाता है। ऐसे में तेज हवा में आग लगने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। यदि किसी खेत में आग लग जाती है तो कच्चे रास्तों के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी तेजी से नहीं जा सकती, इसलिए किसान को बचाव पर पहले ध्यान देना चाहिए, ताकि आग से फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। उन्होंने किसानों से अपील की है कि खेतों में ट्रांसफार्मर के आसपास सूखी घास या गेहूं की फसल हटा लें।
वर्जन-
गेहूं के सीजन को देखते ही अप्रैल माह में बिजली सप्लाई दिन के समय में बंद रहेगी। जबकि शहरी क्षेत्र में बिजली सुचारू रूप से चलेगी। फसल जलने से किसानों की मेहनत बेकार न हो, इसलिए निगम ने यह निर्णय लिया है। -सोमबीर भलोठिया, एसई बिजली निगम।